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4 लाख मुआवजा देने की तैयारी:तालाब में डूबने से हुई माैतें आपदा सूची में शामिल हाेंगी, प्रावधान संबंधी दस्तावेज मिलने के बाद राज्य सरकार इसकी करेगी समीक्षा

रांची2 महीने पहलेलेखक: बिनोद ओझा
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बन्ना गुप्ता, मंत्री, आपदा प्रबंधन - Dainik Bhaskar
बन्ना गुप्ता, मंत्री, आपदा प्रबंधन

झारखंड में कुआं, तालाब, पाेखर और झील में डूबने से हाेने वाली माैतें भी राज्य आपदा की श्रेणी में शामिल हाेंगी। मृतकाें के आश्रिताें काे सरकार चार लाख रुपए मुआवजा देगी। इसकी तैयारी शुरू हाे गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से उनके यहां लागू प्रावधानाें की जानकारी मांगी है। इसके लिए इन राज्याें काे पत्र लिखा गया है।

यहां से प्रावधान संबंधी दस्तावेज मिलने के बाद राज्य सरकार इसकी समीक्षा करेगी। इसके बाद मुआवजा देने पर विचार किया जाएगा। झारखंड में डाेभा, डैम, नदी और वाटर फाॅल में डूबकर हाेने वाली माैतें ताे स्थानीय आपदा घाेषित है, लेकिन कुआं, तालाब, पाेखर और झील में डूबने से हाेने वाली माैतें इसमें शामिल नहीं है।

स्थानीय आपदा श्रेणी में ये हैं शामिल

राज्य सरकार ने 25 अक्टूबर 2018 काे स्थानीय आपदा से हाेने वाली माैताें पर मुआवजा देने का प्रावधान किया था। स्थानीय आपदा की श्रेणी में अतिवृष्टि, सर्पदंश, खनन जनित आपदा, रेडिएशन, नाव हादसा, नदी, डाेभा, डैम और वाटर फाॅल में डूबने, भगदड़ और गैस रिसाव से हुए जान-माल की क्षति काे शामिल किया था।

ऐसे मामलाें में मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए राज्य के सभी डीसी काे एडवांस राशि उपलब्ध कराई जाति है। दावा करने पर संबंधित जिले के डीसी इसका भुगतान करते हैं। फिर उपयाेगिता प्रमाण पत्र आपदा प्रबंधन विभाग काे भेजी जाती है।

22 साल में डूबने से 10 हजार मौतें

झारखंड में बड़ी संख्या में नदी-नाले, झील, तालाब, बांध, डैम और पाेखर आदि हैं। यही मुख्य पर्यटन स्थल भी है। झारखंड ही नहीं, दूसरे राज्याें के लाेग भी यहां डैम और वाटर फाॅल आदि में घूमने आते हैं। एक अनुमान के अनुसार राज्य गठन के बाद से अब तक करीब 10 हजार लाेगाें की डूबने से माैत हाे चुकी है। हर साल माैत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

इसे देखते हुए लंबे समय से कुआं, तालाब, पाेखर और झील में डूबने से हाेने वाली माैताें काे आपदा श्रेणी में शामिल करने की मांग उठ रही थी। इसी काे देखकर सरकार ने अब कदम बढ़ाया है। हाल ही में सड़क हादसे में माैत काे भी आपदा सूची में शामिल किया गया है।

मंत्री बाेले- पड़ाेसी राज्याें से मांगी गई है जानकारी

पड़ोसी राज्याें में मुआवजे की क्या व्यवस्था है, यह जानने के लिए दस्तावेज मांगे गए हैं। उन राज्याें काे विभाग की ओर से पत्र भेजा गया है। वहां से मुआवजे की जानकारी मिलने पर इसकी समीक्षा करेंगे। इसके बाद उसे लागू करने पर विचार किया जाएगा। -बन्ना गुप्ता, मंत्री, आपदा प्रबंधन

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