ये तस्वीर भयावह है:रिम्स और सदर के बाहर तड़प-तड़प कर एंबुलेंस में मौत, रिम्स प्रबंधन का दावा- हमारे यहां 80 बेड खाली

रांची8 महीने पहले
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बेड की आस में आते हैं कोरोना पीड़ित, पर इंतजार करते-करते थम जाती हैं सांसें - Dainik Bhaskar
बेड की आस में आते हैं कोरोना पीड़ित, पर इंतजार करते-करते थम जाती हैं सांसें
  • सिविल सर्जन का बयान- सदर में 360 बेड कर दिए
  • बड़ा सवाल- बेड खाली हैं तो अस्पतालों के दरवाजे पर संक्रमितों की क्यों जा रही हैं जानें?

अस्पतालाें में बेड खाली होने के रोज आंकड़े जारी किए जाते हैं। रिम्स के आंकड़े रोज बता रहे हैं कि यहां 80 बेड खाली हैं। सिविल सर्जन बयानबाजी कर रहे हैं कि सदर अस्पताल में 360 बेड तक बढ़ा दिए गए हैं। पर इन अस्पतालों के दरवाजे पर बेड की आस में पहुंचे संक्रमितों की एंबुलेंस में हो रही मौतें बता रही हैं कि आंकड़े झूठे हैं। यहां बेड मिलते ही नहीं।

सोमवार को ऐसे ही तीन लोगों की सदर और रिम्स में मौत का दर्दनाक नजारा भास्कर के रिपोर्टर ने देखा, जबकि ऐसे कई मामले वहां उपस्थित लोगों ने बताए। भास्कर के रिपोर्टर ने सुबह 9:30 बजे सदर अस्पताल के बाहर नामकुम के रामपुर से भर्ती कराने लाई गईं बुजुर्ग महिला को देखा। उसके परिजन तीन घंटे तक बेड का इंतजाम करते रहे। इतने देर बाद भी जब बेड नहीं मिला तो महिला ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। वहीं, हरमू हाउसिंग कॉलोनी के रजनीश कुमार को रिम्स लाया गया। पहले कागजी प्रक्रिया में घंटों लगे, फिर ट्राॅमा सेंटर की आईसीयू के बाहर स्ट्रेचर पर रख दिया गया। वेंटिलेटर खाली नहीं होने से 2 घंटे बाद मौत हो गई।

झारखंड में 2366 नए संक्रमित, 19 की माैत रांची में 8 की गई जान

इधर, झारखंड में काेराेना का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। संक्रमण की रफ्तार के साथ ही माैत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। राज्य भर में साेमवार काे 19 लाेगाें की माैत हुई। इनमें रांची और धनबाद के 8-8, जमशेदपुर के दाे और लाेहरदगा के एक व्यक्ति शामिल हैं। इसी के साथ साेमवार काे 2366 नए संक्रमित भी मिले। इनमें 787 अकेले रांची जिले के हैं। दूसरे नंबर पर पूर्वी सिंहभूम हैं, जहां 370 कोरोना पॉजिटिव मिले। अच्छी बात यह रही कि 24 घंटे में 937 लाेगाें ने काेराेना काे मात भी दी। इनमें रांची के 493 और पूर्वी सिंहभूम के 132 लाेग हैं।

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