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कार्रवाई:बिरसा चौक की दुकान में पनीर-लड्‌डू में मिली गड़बड़ी, डस्टबिन में डलवाया...खोवा की जांच के लिए चलाया गया विशेष अभियान

रांची8 महीने पहले
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फूड इंस्पेक्टर के नेतृत्व में फूड सेफ्टी टीम ने जांच अभियान चलाया। - Dainik Bhaskar
फूड इंस्पेक्टर के नेतृत्व में फूड सेफ्टी टीम ने जांच अभियान चलाया।

शहर की मिठाई दुकानों की जांच के लिए बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से अभियान चलाया गया। हिनू, बिरसा चौक और धुर्वा की 18 दुकानों की जांच की गई। यहां से 12 सैंपल लिए गए। फूड इंस्पेक्टर डॉ. एसएस कुल्लू और स्टेट फूड लैब के टेक्नीशियन की टीम ने संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाया। इस दौरान बिरसा चौक स्थित गोकुल माखन भोग के पनीर में गड़बड़ी मिली। जिसके बाद उसे डस्टबिन में डलवाया गया। मां होटल में मीट-मछली में हानिकारक रंग का प्रयोग किया जा रहा था, जिसे जब्त कर लिया गया।

बिरसा चौक के दीनबंधु होटल के रसगुल्ला में स्टॉर्च पाया गया। टीम ने मैदा-अरारोट नहीं मिलाने की चेतावनी देते हुए रसगुल्ला की बिक्री पर रोक लगा दी। वहीं, भाई-बंधु स्वीट्स में लड्‌डू में खतरनाक रंग पाया गया। इसे फेंकवा दिया गया। फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि एफएसएसएआई के निर्देशानुसार सभी जिलों में खोवा की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

18 दुकानों की जांच

हिनू, बिरसा चौक और धुर्वा से 12 सैंपल लिए गए

बेस्ट बिफोर मिठाई और पैकिंग डेट सामान में लिखने की जानकारी नहीं... एफएसएसएआई ने एक अक्टूबर से हर मिठाई की थाली के सामने बेस्ट बिफोर यूज्ड लिखना अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत मिठाई कब बनी और कब तक इसका सेवन किया जा सकता है, यह लिखना जरूरी है। लेकिन रांची के अधिकतर दुकानदारों को इसकी जानकारी नहीं है। फूड सेफ्टी टीम की जांच के दौरान यह मामला सामने आया।

हेल्दी चाइल्ड, हेल्दी माइंड...

बेस्ट बिफोर मिठाई और पैकिंग डेट सामान में लिखने की जानकारी नहीं... एफएसएसएआई ने एक अक्टूबर से हर मिठाई की थाली के सामने बेस्ट बिफोर यूज्ड लिखना अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत मिठाई कब बनी और कब तक इसका सेवन किया जा सकता है, यह लिखना जरूरी है। लेकिन रांची के अधिकतर दुकानदारों को इसकी जानकारी नहीं है। फूड सेफ्टी टीम की जांच के दौरान यह मामला सामने आया।

रजिस्ट्रेशन-लाइसेंस लेना अनिवार्य

खाद्य सुरक्षा अधिनियमय, 2006 के तहत सभी खाद्य कारोबारी (मीट, चिकन एवं मछली दुकान, होलसेलर, सब्जी व फल दुकान और शिक्षण संस्थानों में सामग्री की आपूर्ति करने वालों के साथ कैंटिन संचालकों) को रजिस्ट्रेशन कराना या लाइसेंस लेना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वालों पर कार्रवाई होगी।

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