सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट:साइंस में डीपीएस रांची के अंश, काॅमर्स में डीएवी बिष्टुपुर के हार्दिक, आर्ट्स में जेवीएम श्यामली की रिया स्टेट टॉपर

नई दिल्ली/लखनऊ/रांचीएक वर्ष पहले
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  • देश में 88.87% स्टूडेंट पास पिछले साल से 5.38% बेहतर
  • लड़कियों का पास% 92.15 रहा, लड़कों से 5.96% ज्यादा

सीबीएसई 12वीं बोर्ड के रिजल्ट सोमवार को जारी कर दिए गए। 15 फरवरी से 30 मार्च के बीच हुई परीक्षा में कुल 11 लाख 92 हजार 961 छात्र शामिल हुए थे। इनमें से 10 लाख 59 हजार 80 पास हुए हैं। कुल पास प्रतिशत 88.78% रहा है। यह 2019 के मुकाबले 5.38% ज्यादा है। लगातार छठे साल पास प्रतिशत के मामले में लड़कियां आगे रही हैं। इस बार लड़कियों का पास प्रतिशत 92.15% रहा। वहीं, लड़कों का पास प्रतिशत 86.19% रहा। यानी लड़कियां लड़कों से 5.96% से आगे रहीं।

ट्रांसजेंडर का पास प्रतिशत 66.67% रहा। इधर, साइंस में डीपीएस, रांची के अंश मक्कड़ 99.2% लाकर स्टेट टॉपर बने। वहीं काॅमर्स में डीएवी बिष्टुपुर (जमशेदपुर) के हार्दिक अग्रवाल 98.4 प्रतिशत लाकर स्टेट टॉपर बने। आर्ट्स में जेवीएम श्यामली, रांची की रिया श्रीवास्तव 98.4 प्रतिशत अंक के साथ स्टेट टॉपर बने। तीनों स्ट्रीम साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स में रांची के छात्र-छात्राओं का दबदबा रहा। रिजल्ट पर विशेष : पढ़ें रांची फ्रंट, पेज 2, 4 व 5

झारखंड स्टेट टॉपर्स... टॉप थ्री टॉपरों में रांची के छात्र-छात्राओं का उम्दा प्रदर्शन

साइंस

1. अंश मक्कड़, डीपीएस रांची    99.2% 2. शिवांगना सिंह, डीएवी बरियातू    99.0% 3. सृजन शाश्वत,डीपीएस, रांची    98.8% 3. अद्याषा मिश्रा,डीपीएस, बाेकाराे    98.8%

काॅमर्स

1. हार्दिक अग्रवाल,डीएवी बिष्टुपुर    98.4% 2. रितु कुमारी, हाेली क्राॅस बाेकाराे    98.2% 3. निश्चय गोयल, डीपीएस रांची    98.0% 3. आस्था भाट्टाचार्य, लाेयला काॅन्वेंट    98.0%

आर्ट्स

1.रिया श्रीवास्तव    जेवीएम, रांची    98.4% 2. नयनिका किरण, जेवियर्स हजारीबाग    98.2% 3. एस दत्ता शर्मा, जेवीएम रांची     98.0% 3. समीधा शेखर, डीपीएस रांची    98.0%

सक्सेस मंत्र... प्रेशर न पड़े, इसलिए 11वीं से ही कर रहा था तैयारी : अंश

11वीं की शुरुआत से ही तैयारी शुरू कर दी थी, ताकि अंतिम समय में प्रेशर न पड़े। परीक्षा के दो महीने पहले से प्रतिदिन 4-5 घंटे पढ़ाई करता था। मुझे रात 10 बजे के बाद पढ़़ना पसंद है।

दादी मां आज नहीं हैं, लेकिन उनके मोटिवेशन से ही मैंने यह सफलता पाई है। मां ने पूरा साथ दिया। जब भी रात में पढ़ाई करता, मां भी साथ में जगी रहती थी।

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