जेएमएम से निष्कासित नेता से ईडी ने की पूछताछ:ईडी ने जेएमएम के पूर्व ट्रेजरर रवि केजरीवाल से जाना- सोरेन परिवार का क्या है कारोबार

रांची2 महीने पहलेलेखक: अमरेंद्र कुमार
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ईडी ऑफिस से पूछताछ के बाद बाहर निकलते रवि केजरीवाल। - Dainik Bhaskar
ईडी ऑफिस से पूछताछ के बाद बाहर निकलते रवि केजरीवाल।

मनरेगा घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में रविवार को नया ट्विस्ट आया। ईडी ने जेएमएम से निष्कासित पूर्व कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल को दोपहर 1.30 बजे बुलाकर 4 घंटे तक पूछताछ की। केजरीवाल झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन और सीएम हेमंत सोरेन के करीबी रह चुके हैं। ईडी को जानकारी है कि वे सोरेन परिवार के बारे में काफी जानकारी रखते है। ईडी ने उनसे जानने की कोशिश कि सोरेन परिवार का क्या कारोबार है। किन जगहों पर उनकी चल-अचल संपत्तियां है। कितनी शेल कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी है।

केजरीवाल से पूछताछ की सूचना के बाद राजनेताओं में भी खलबली मच गई है। इधर, माइनिंग लीज आवंटन व अवैध खनन पट्टों को लेकर ईडी ने सोमवार को साहिबगंज के जिला खान पदाधिकारी विभूति कुमार, दुमका के जिला खान पदाधिकारी कृष्ण चंद्र किस्कू और पलामू के जिला खान पदाधिकारी आनंद कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया है।

आनंद डीएमओ लातेहार के भी प्रभार में हैं। आनंद पर आरोप है कि उन्होंने रेवडी की तरह पत्थर लीज आवंटित किया है। बेटा व बेटी को लेकर पहुंचे अभिषेक झा: रविवार की दोपहर पूजा सिंघल से मिलने बेटा व बेटी ईडी कार्यालय पहुंचे। अभिषेक झा दोनों बच्चों को लेकर आए थे। वहीं, सीए सुमन सिंह के परिजन भी उनसे मिलने आए। काफी देर अंदर रहने के बाद वापस लौट गए।

सीएमओ की बेचैनी बढ़ी

सीएम बनने के बाद हेमंत ने रवि को पार्टी से निकाला था
इधर, रवि केजरीवाल से पूछताछ के बाद सीएमओ की बेचैनी काफी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही दिनों बाद हेमंत सोरेन ने रवि केजरीवाल को पार्टी के कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया था। उसके बाद रवि केजरीवाल के विरुद्ध थाने में सरकार गिराने को लेकर एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। जानकारों का कहना है कि केजरीवाल के पास पार्टी के साथ-साथ मुख्यमंत्री के भी आमदनी और खर्च की जानकारी है। शेल कंपनियों में इन्वेस्ट का भी वह राज जानते हैं।

भास्कर एक्सक्लूसिव - सीएम माइनिंग लीज प्रकरण

सीएजी ने रांची-साहिबगंज माइनिंग ऑफिस से मांगी रिपोर्ट, स्पेशल ऑडिट की संभावना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद श्रीवास्तव उर्फ पिंटू और सीएम के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्र की माइनिंग लीज प्रकरण में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) दिल्ली ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएजी ने इन लोगों को अलग-अलग स्टोन माइनिंग लीज दिए जाने के मामले में साहिबगंज और रांची जिला माइनिंग कार्यालय से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। सीएजी के निर्देश पर राज्य के महालेखाकार (एजी) कार्यालय ने साहिबगंज की रिपोर्ट तो दो दिन पहले मंगा ली। पर, रांची की रिपोर्ट काफी जद्दोजहद के बाद मिली।

शनिवार की शाम रांची डीसी की ओर से भी कागजात उपलब्ध करा दिए गए है। इसे दिल्ली सीएजी कार्यालय को भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि सीएम हेमंत सोरेन और उनके मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू के नाम माइनिंग लीज आवंटित होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक केस दायर है। झारखंड हाईकोर्ट में सीएम, उनके मीडिया सलाहकार और विधायक प्रतिनिधि के नाम माइनिंग लीज लिए जाने को लेकर सुनवाई चल रही है।

वित्तीय अनियमितता मिली
सीएजी द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के बाद और हाल में सामने आई वित्तीय अनियमितता के बाद राज्य के खान एवं भूतत्व विभाग और जिला माइनिंग कार्यालय का स्पेशल ऑडिट भी होने की संभावना बढ़ गई है। माइनिंग लीज से लेकर राज्य भर में अवैध माइनिंग और विभिन्न प्रकार के लीज आवंटन व खर्च के मामले में भी ऑडिट कराए जाने की संभावना है।

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