बेखबर बिजली निगम:आवेदन के एक हफ्ते में देना है बिजली कनेक्शन, पर रांची में 15 हजार फॉर्म पेंडिंग

रांची8 महीने पहले
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  • उपभोक्ताओं के पेपर ठीक होने के बाद भी कार्रवाई नहीं

झारखंड बिजली वितरण निगम का बकाया भुगतान नहीं करने से कनेक्शन काटने और चोरी रोकने के लिए छापेमारी पर का पूरा जोर है, मगर बिजली निगम खुद ही नियमों का पालन नहीं करता है। ऐसा ही हो रहा है बिजली कनेक्शन देने के मामले में। सिर्फ रांची सर्किल में ही 15,661 नए उपभोक्ताओं ने आवेदन दिया, मगर तय सीमा पार कर जाने के बाद भी अब तक उन्हें कनेक्शन नहीं मिला और न ही कोई जानकारी दी जा रही है।

यह है कनेक्शन देने का नियम

झारखंड विद्युत नियामक आयोग के डिस्ट्रीब्यूशन स्टैंडर्ड परफॉमरेंस रेगुलेशन एक्ट 2015 के अनुसार इसके लिए विभिन्न कैटेगरी के उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन देने के नियम तय है। इसके अनुसार जिस क्षेत्र से आवेदन आता है, वहां बिजली का पोल, तार और ट्रांसफार्मर है और जमीन के कागजात सही हैं, तो 7 दिनों में नया कनेक्शन दे देना है। जिन इलाकों में बिजली के तार, खंभा औरडिस्ट्रब्यूशन ट्रांसफार्मर नहीं है, वहां जरूरी व्यवस्था करके 15 दिनों में कनेक्शन दे देना है। मगर यह नियम जेबीवीएनएल पालन करता नहीं दिख रहा है। इस बात का प्रमाण खुद जेबीवीएनएल के आंकड़े बता रहे हैं।

एक्ट का पालन नहीं...

झारखंड विद्युत नियामक आयोग के डिस्ट्रीब्यूशन स्टैंडर्ड परफॉरमेंस रेगुलेशन एक्ट 2015 के अनुसार विभिन्न कैटेगरी के उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन समय पर नहीं देने की स्थिति में पेनाल्टी देनी होगी। जेबीवीएनएल को 50 से 500 रुपए तक पेनाल्टी भरनी पड़ सकती है।

बड़ा सवाल

राजस्व तो नए कनेक्शन से भी बढ़ेगा, आखिर विभाग में क्यों पड़े हैं आवेदन। बिजली चोरों को पकड़ने या कनेक्शन काटने के दौरान अफसरों-कर्मचारियों की कहीं जेब तो गर्म नहीं होती।

जो मामले पेडिंग हैं, वे पेपर पूरे नहीं होने के कारण हो सकते हैं। जहां पेपर ठीक हैं, वहां पर तय सीमा में कनेक्शन दिए जा रहे हैं। जिन इलाकों में तार व खंभे नहीं है, वहां इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। अगर बिना कारण मामले पेडिंग पाए गए, तो उन इंजीनियरों पर कार्रवाई होगी। -पीके श्रीवास्तव, जीएम, रांची एरिया

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