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बैठक में अटका मामला:हर साल सरकारी योजनाओं के करीब 12 हजार करोड़ रु. बैंकों में जमा होंगे, प्रक्रिया पर स्वास्थ्य मंत्री ने जताई आपत्ति

रांची3 महीने पहलेलेखक: अमरेंद्र कुमार
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राज्य सरकार को केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित बजट के 11 से 12 हजार करोड़ रुपए अब हर साल बैंकों में रखने होंगे। ये पैसे अब तक राज्य के सरकारी खजाने में रहते थे। दरअसल केंद्र सरकार के एक फैसले के बाद इन पैसों को सरकारी और तय निजी बैंक खातों में जमा करने की रूप रेखा तय हो रही है। वहीं गुरुवार को कैबिनेट की मीटिंग में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के सरकार के तैयार प्रस्ताव का विरोध किया है, जिससे कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया है।

राज्य सरकार समेकित रूप से विचार कर आगे निर्णय लेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय योजनाओं को लेकर राज्य खजाने से एकदम अलग अकाउंट्स और लेखा-जोखा रखने का निर्देश दे रखा है, जिसे चालू वित्त वर्ष से लागू होना है। इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक गाइडलाइन राज्य को भेजा है, जिसमें ये पैसे अलग बैंक खातों में रहेंगे।

सरकारी खजाने में आते ही पैसे सरकारी व निजी बैंक खातों में जमा होंगे

झारखंड में करीब 11 से 12 हजार करोड़ रुपए की केंद्रीय योजनाएं हैं। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी करीब 7500 करोड़ रुपए की और लगभग 3500-4000 करोड़ राज्यांश का रहता है। ये पैसे अब राजकोष से निकलकर बैंक खातों में रहेंगे। अमूमन योजना एवं स्कीम का तय पूरा पैसा खर्च नहीं हो पाता है। जो पैसा खर्च नहीं होंगा, वो बैंकों में जमा होगा। इससे बैंकों की स्थिति बेहतर होने की संभावना है। दूसरी ओर राज्य के सरकारी खजाने में ये पैसे तो आएंगे और तुरंत वहां से निकल सरकारी और निजी बैंकों में जमा हो जाएंगे।

वित्त विभाग ने क्या भेजा था प्रस्ताव

वित्त विभाग ने कैबिनेट में भेजे प्रस्ताव में बताया है कि सरकारी पैसे बैंक खातों में रखने के लिए वित्त सचिव या विशेष सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनेगी। जो सरकारी राशि रखने के संबंध में बैंकों की चयन प्रक्रिया और मापदंड पर निर्णय लेगीा। इसमें राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक व नाबार्ड के महाप्रबंधक को शामिल करने की योजना है। इस प्रस्ताव से सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में सहूलियत होगी। साथ ही वार्षिक ऋण योजना के कार्यान्वयन में भी तेजी आएगी।

प्रक्रिया में आरबीआई और वित्तीय नियमावली का उल्लंघन: बन्ना गुप्ता

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा-गुरुवार को कैबिनेट की हुई बैठक में वित्त विभाग के प्रस्ताव का मैंने विरोध किया था। मैंने उठाया था कि गलत तरीके से निजी बैंकों में सरकार का पैसा जमा कराने की जो कोशिशें हो रही है, वह नहीं होनी चाहिए। बैंकों में पैसा रखने के मामले में भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों का उल्लंघन हुआ है। महालेखाकार ने भी आपत्ति जताई है कि आरबीआई के प्रावधानों और वित्तीय नियमावली का भी इसमें पालन नहीं किया गया है। मेरे विरोध के बाद मामला अभी स्थगित हो गया है। आगे सरकार इस पर समेकित रूप से विचार कर निर्णय लेगी।