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बड़ी लापरवाही:हाेम आइसाेलेशन वालाें काे बांटी सीएम काेराेना राहत किटों में एक्सपायरी दवा, मामला खुलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, डीसी ने दिए कार्रवाई के आदेश

रांची13 दिन पहले
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मुख्यमंत्री राहत किट में ये दवाएं, ये एक्सपायर। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री राहत किट में ये दवाएं, ये एक्सपायर।

काेराेना के तेजी से बढ़ते मामलाें के बीच जिला स्वास्थ्य समिति की बड़ी लापरवाही सामने आई है। हाेम आइसाेलेशन में रह रहे काेराेना मरीजाें काे शुक्रवार काे मुख्यमंत्री राहत किट बांटी गई। उस किट में एंटी एलर्जी की दवा (लेवोसेल-एम) लिवोसेट्रीजीन पिछले साल नवंबर में ही एक्सपायर हाे चुकी है। एक्सपायरी दवा वाली यह किट ज्यादातर रांची और बुंडू इलाके में बांटी गई है।

मामले का खुलासा हाेने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। जाे किट नहीं बंटे थे, उसे वापस मंगाकर दवा बदली गई। राज्य के सभी जिलाें में हाेम आइसाेलेशन में रहे रहे काेराेना संक्रमिताें काे मुख्यमंत्री राहत किट दी जानी है। शुक्रवार काे रांची से इसकी शुरुआत हुई थी। किट तैयार करने से लेकर इसे वितरित करने तक का जिम्मा सिविल सर्जन कार्यालय में प्रतिनियुक्त डिस्ट्रिक्ट प्राेग्राम मैनेजर समरेश कुमार काे दिया गया था। लेकिन पहले ही दिन इस बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हाे गया।

जानिए, कैसे हुई गड़बड़ी

1. दूसरी लहर में मरीजाें के लिए यह किट तैयार कराई गई थी। उसमें लेवोसेल-एम दवा भी थी, जाे नवंबर में एक्सपायर हाेने वाली थी। उस समय बड़ी संख्या में किट बच गए। उसी किट में दवा बदलकर नई किट तैयार कर दी गई।

2. नई किट तैयार करते समय पुरानी दवाएं निकालकर नई दवा डाली गई, लेकिन कई किट में दवा नहीं बदल पाए। जब यह लाेगाें तक पहुंचा ताे पता चला कि दवा नवंबर में ही एक्सपायर हाे चुकी है। इससे अफरातफरी मची।

और सबसे बड़ा जिम्मेदार

नई किट तैयार करने से लेकर इसे बांटने तक की जिम्मेदारी सिविल सर्जन कार्यालय में प्रतिनियुक्त डिस्ट्रिक्ट प्राेग्राम मैनेजर समरेश कुमार की थी। उन्हाेंने ध्यान नहीं दिया और पुरानी दवा भी किट में रह गई।

1000 किटों में करीब 100 में एक्सपायरी दवा

पहले दिन ये किट जिले के करीब 1000 मरीजाें तक पहुंचाई गई है। इनमें करीब 100 किट में एक्सपायरी वाली दवा थी। सदर अस्पताल प्रबंधन ने माना कि पुरानी किट में वह दवा थी। लेकिन बांटने से पहले सभी पुरानी दवाओं काे बदल दिया गया था। लेकिन हाे सकता है कि कुछ पुरानी किट का भी वितरण हाे गया हाे। वहीं सिविल सर्जन डाॅ. विनाेद कुमार ने कहा कि संबंधित अधिकारी काे शाेकाॅज किया गया है।

सिविल सर्जन की अपील- राहत किट में एक्सपायरी दवा, इसका सेवन न करें

सिविल सर्जन कार्यालय ने अपील जारी की। कहा- काेराेना राहत किट में लेवाेसेल-एम नाम की दवा एक्सपायर हाे चुकी है। जिनकी किट में ये दवा हाें, वे इसका सेवन न करें। अपने इंसीडेंट कमांडर से संपर्क करें या फिर सिविल सर्जन कार्यालय के भंडार से यह दवा बदल लें।

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