पुलिस मुख्यालय ने कहा:सैप का कार्यकाल 5 साल बढ़ाएं, नहीं तो नक्सल विरोधी अभियान होगा प्रभावित

रांची8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

राज्य में आतंरिक विधि-व्यवस्था संधारण, नक्सल विरोधी अभियान को गति देने एवं अन्य सुरक्षा संबंधी दायित्वों को पूरा करने के लिए स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (सैप) का गठन किया गया था।

इसका उद्देश्य राज्य के जेलों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों तथा रेल, सड़क एवं विद्युत व सिंचाई परियोजना निर्माण कार्यों में लगी कंपनियाें की सुरक्षा, ओपी, टीओपी में पर्याप्त सशस्त्र बल उपलब्ध कराना था। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त सैनिकों से अनुबंध के आधार पर गठित स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (सैप) के दाेनाें बटालियनों का कार्यकाल 31 मई काे समाप्त हाेने जा रहा है।

इसे लेकर पुलिस मुख्यालय काफी गंभीर है। पुलिस मुख्यालय ने राज्य में विभिन्न क्षेत्राें की सुरक्षा व्यवस्था में लगी दाेनाें बटालियनों का कार्यकाल विस्तार करने का अनुराेध किया है। दाेनाें बटालियनों का कार्यकाल आवश्यकता काे देखते हुए जून 2022 से मई 2027 तक पांच साल बढ़ाने का गृह विभाग से अनुरोध किया गया है।

विधि व्यवस्था से जुड़े कई मामलों में सैप जवान लगाए गए हैं
पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग काे भेजे गए पत्र में यह तर्क दिया है कि राज्य के अतिसंवेदनशील पोस्ट-पिकेटों की सुरक्षा एवं नक्सल विरोधी अभियान के अलावा सैप वाहिनियों में कार्यरत पदाधिकारी, कर्मियों का उपयोग झारखंड में अपराध नियंत्रण के लिए नियमित रूप से किया जाता है।

इसके अलावा राज्य के औद्योगिक प्रतिष्ठानों के निर्माण कार्य की सुरक्षा हेतु गैर सरकारी कंपनियाें को भुगतान के आधार पर सैप के बलों की प्रतिनियुक्ति की जाती है। सैप वाहिनी में अधिकांशतः झारखंड के ही निवासी कार्यरत हैं, जो राज्य के भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिवेश से अच्छी तरह परिचित हैं, जिसके कारण नक्सल विरोधी अभियान चलाने में काफी सहयोग मिलता है।

एकाएक कार्यमुक्त करने से बलों की हो जाएगी कमी
पुलिस मुख्यालय ने यह भी अनुराेध किया है कि सैप में कार्यरत वैसे कर्मी, जिनके अनुबंध की अवधि निर्धारित अवधि से अधिक हो चुकी है या पूर्ण होने वाली है,

को सैप वाहिनियों में नई बहाली होने तक उनका अनुबंध उनके अधिकतम उम्र सीमा तक बढ़ाना उचित प्रतीत हो रहा है, क्योंकि एकाएक कार्यमुक्त करने पर बलों की काफी कमी हो जाएगी।

2008 में हुआ था सैप की दोनों बटालियन का गठन
राज्य में विधि व्यवस्था तथा नक्सल विराेधी अभियान में विशेष सहयोग के लिए गृह विभाग ने 07 जून, 2008 काे स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस की दोनों बटालियन का गठन किया था।

सेना से रिटायरये सभी जवान पहले से ही ट्रेंड थे, इसलिए इन्हें अलग से ट्रेनिंग देने की जरूरत नहीं पड़ी। बहाली के तुरंत बाद काम पर लग गए, जाे अब भी जारी है।​​​​​​​

खबरें और भी हैं...