रघुवर ने हेमंत को दी खुली डिबेट की चुनौती:कहा-पंचायत चुनाव के बाद मोरहाबादी मैदान में हो जाए आमना-सामान, परिवार के जमीन खरीद पर सवाल

रांची3 महीने पहले
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पत्रकारवार्ता करते पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास। - Dainik Bhaskar
पत्रकारवार्ता करते पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने CM हेमंत सोरेन को आदिवासी मुद्दे पर मोरहाबादी मैदान में खुली डिबेट करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि अगले 15 दिनों में पंचायत चुनाव समाप्त हो जाएंगे। उसके बाद अगर मुख्यमंत्री तैयार हों तो यह डिबेट हो जाए। उन्होंने डिबेट का एजेंडा बताते हुए कहा कि हेमंत सोरेन बताएं कि बतौर मुख्यमंत्री अपने दो बार के कार्यकाल में उन्होंने आदिवासी समाज के हित के लिए क्या काम किया है। वह खुद यह बताएंगे कि पिछली भाजपा सरकार ने समाज के हित के लिए कितने अहम फैसले लिए? रघुवर दास गुरुवार को रांची स्थित पार्टी के कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

लगाया आरोप: CM की पत्नी ने किया CNT एक्ट के उल्लंघन
रघुवर दास ने कहा कि 2009 में रांची के अरगोड़ा में सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन ने दो सेल डीड के द्वारा क्रमशः 13 कट्ठा 14 छटाक (डीड संख्या 3881/3368 दिनांक 09.03.2009) एवं 17 कट्ठा 8 छटाक (डीड संख्या 1267/1084 दिनांक 07.02.2009) आदिवासी जमीन खरीदी। हैरत की बात यह है कि दोनों डीड में उन्होंने अपने पति हेमंत सोरेन का नाम ना लिखकर अपने पिता अंपा मांझी का नाम दर्शाया। अपनी जाति संथाल बताते हुए अपना निवास स्थान हरमू कॉलोनी, थाना अरगोड़ा, जिला रांची दिखाया। जबकि वह ओड़िशा राज्य की आदिवासी समाज की महिला हैं।

कानूनी प्रावधान के अनुसार किसी अन्य राज्य के आरक्षित श्रेणी का व्यक्ति झारखंड राज्य में आरक्षण का लाभ नहीं ले सकता है। वहीं सीएनटी एक्ट के प्रावधानों के अनुसार किसी आदिवासी भूमि के खरीद के लिए उसे विक्रेता के ही थाना क्षेत्र का होना भी आवश्यक है, दोनों शर्तें कल्पना मुर्मू ने नहीं पूरी नहीं कर रहीं थी। इसलिए उनके द्वारा झारखंड राज्य में आरक्षित श्रेणी और अरगोड़ा थाना क्षेत्र का निवासी बताया जाना गलत है।

जमीन के दाम में घालमेल की आशंका
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में क्रय मूल्य में भी गड़बड़ी की गई है। जमीन के मालिक को विक्रय मूल्य 78,93,000 (78 लाख 93 हजार) रुपये की जगह मात्र 9,41,250 (9 लाख 41 हजार 250) रुपए का भुगतान किया गया। दोनों परिस्थितियों में संबंधित भूमि खंडों की खरीद का मामला छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन और मनी लॉन्ड्रिंग का प्रतीत होता है।

दर्ज कराई गई थी शिकायत
तत्कालीन भाजपा सरकार के कार्यकाल में उपरोक्त मामलों को संज्ञान में लेते हुए प्रमंडलीय आयुक्त दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल रांची के कार्यालय आदेश ज्ञापांक 1593 दिनांक 22.06.2018 के द्वारा एक जांच दल का गठन किया गया था। जिसकी रिपोर्ट भी राज्य सरकार के समक्ष जमा की गई। मामले पर कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन दिसंबर 2019 के चुनाव के बाद CM ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उपरोक्त मामले को अपने पक्ष में करवा लिया।

शेल कंपनियों में निवेश की आशंका
CM की पत्नी और उनकी रिश्तेदार सरला मुर्मू के द्वारा सोहराई लाइवस्टोक फर्म प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी का गठन 2020 में किया गया। उस कंपनी में CM की पत्नी 93.33% शेयर की मालकिन है तथा चेयरमैन/निदेशक का पद संभाल रही हैं। उसी कंपनी में उनकी रिश्तेदार सरला मुर्मू 6.6% शेयर की भागीदार हैं। इसके साथ ही इनकी रिश्तेदार सरला मुर्मू दो और कंपनी रक्तपुरा ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड तथा विहंगम बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड में भी निदेशक हैं। दोनों कंपनियों में वे 2021 में ही निदेशक बनीं हैं। आशंका है कि इन कंपनियों में अवैध धन को खपाया जा रहा है।

राज्यपाल से बीजेपी करेगी शिकायत
रघुवर दास ने कहा कि इन मामलों को लेकर बीजेपी शुक्रवार को राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात करेगी। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।

सांसद डॉ. निशिकांत दुबे लगातार कर रहे हमला
भाजपा के गोड्डा से सांसद डॉ. निशिकांत दुबे भी लगातार सरकार पर हमला कर रहे हैं। वह एक के बाद एक ट्वीट कर पूजा सिंघल पर हुई छापेमारी के बहाने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को घेर रहे हैं। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि पूजा सिंघल जी ने ईडी के सामने झारखंड के वर्तमान सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों का जो खुलासा किया वह गैंग्स ऑफ वासेपुर को भी मात दे रहा है, यह गिरोह दलालों के साथ मिलकर राज्य को खोखला कर रहा है, सूत्रों के अनुसार गिरोह के एक एक अधिकारी के पास कम से कम 500 से 2000 करोड़ तक की संपत्ति है।