लोकसभा में सांसद संजय सेठ बोले:आदि काल से देश का नाम भारत, बंद हो इंडिया दैट इज भारत लिखने की परंपरा

रांची2 महीने पहले
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भाजपा सांसद संजय सेठ,भाजपा सांसद निशिकांत दुबे - Dainik Bhaskar
भाजपा सांसद संजय सेठ,भाजपा सांसद निशिकांत दुबे

लोकसभा में मंगलवार को भाजपा सांसद संजय सेठ ने अपने देश का नाम सिर्फ भारत लिखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब इस देश का नाम अनादि काल से भारत है, तो फिर इंडिया दैट इज भारत कहने, लिखने या बोलने की जरूरत ही क्या है? हमें हर चीज के लिए अंग्रेजों से उधार लेने की आवश्यकता क्या है? उन्होंने कहा कि मध्यकाल में यहां आए तुर्की और ईरानी सिंधु को हिंदू कहते रहे, ऐसे में वे भारत को हिंदुस्तान कहने लगे और हम भी ऐसा संबोधित करने लगे।

सांसद ने कहा कि जब अंग्रेजों को हिंदुस्तान कहने- बोलने में परेशानी हुई, तो उन्होंने सिंधु घाटी, जिसे कभी इंदु वैली कहा जाता था, उससे प्रभावित होकर भारत को इंडिया के नाम से पुकारा। ऐसे में विदेशियों द्वारा दिए गए नाम से प्रभावित होकर इंडिया दैट इज भारत कहना भारत जैसे विशाल देश और उसकी महान गौरवशाली संस्कृति का अपमान है।

सांसद ने कहा कि हमारे मनीषियों ने अपने देश को भारतवर्ष, आर्यावर्त, ब्रह्मावर्त, जंबूद्वीप कहा। ऐसे गौरवशाली नामों को विस्मृत करना न्याय संगत नहीं है। उन्होंने सदन मेंं आग्रह किया कि इंडिया दैट इज भारत कहने और लिखने की परंपरा समाप्त हो।

एससी की तरह एसटी को भी धर्मांतरण के बाद आरक्षण व सुविधाएं न मिलें : निशिकांत

गोड्‌डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि अनुसूचित जाति की तरह अनुसूचित जनजाति को भी धर्मांतरण के बाद आरक्षण और अन्य सभी सुविधाओं से वंचित किया जाना चाहिए। देश में बढ़ रहे धर्मांतरण को रोकने का यही उपाय है।

दुबे ने कहा कि झारखंड में धर्मांतरण एक बहुत ही ज्वलंत विषय है। आर्टिकल 341 और 342 में एससी और एसटी को रिजर्वेशन समेत अन्य सारी सुविधाएं मिली हुई हैं। आर्टिकल 341 में जो एससी को आरक्षण दिया गया है, उसमें कहा गया है कि वे जैसे ही धर्म परिवर्तन करेंगे, उनका जो शिड्यूल कास्ट का स्टेटस है, उसे खत्म कर दिया जाएगा। इस कारण एससी अब भी बचे हुए हैं। सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि संविधान की धारा 341 की तरह धारा 342 को भी लागू किया जाए।

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