खबर का असर:वित्त विभाग की आपत्ति को दरकिनार कर सरकार लागू करेगी एथेनॉल प्रोत्साहन पॉलिसी

रांची3 महीने पहलेलेखक: अमरेंद्र कुमार
  • कॉपी लिंक
राज्य सरकार वित्त विभाग की आपत्ति को दरकिनार कर एथेनॉल पॉलिसी लाने जा रही है। - Dainik Bhaskar
राज्य सरकार वित्त विभाग की आपत्ति को दरकिनार कर एथेनॉल पॉलिसी लाने जा रही है।

राज्य सरकार वित्त विभाग की आपत्ति को दरकिनार कर एथेनॉल पॉलिसी लाने जा रही है। पिछले दिनों वित्त विभाग ने इस प्रोत्साहन नीति पर सहमति देते समय एक शर्त लगा दी थी कि नीति की अधिसूचना जारी होने के बाद जो यूनिट भारत सरकार से एथेनॉल प्लांट के लिए एप्रुवल लेगी, उसी को इसका लाभ मिलेगा। उद्योग विभाग ने इस शर्त को अव्यवहारिक बताते हुए इसे दरकिनार कर सामान्यत: पॉलिसी में सभी के लिए जो प्रावधान लागू होता है, उसी अनुरूप इस पॉलिसी को भी लागू की अनुशंसा सरकार से की है। इस अनुशंसा को स्वीकार कर लिया गया है। इस पर कैबिनेट की अगली बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है। मंजूरी मिल जाने के बाद अब झारखंड में भी दूसरे राज्यों की तरह पॉलिसी लागू होगी।

इन प्लांटों को मिल सकता है लाभ

राज्य में इनलैंड पावर, केजी स्प्रीट्स, ग्लोबल स्प्रीट्स लि., ईस्टर्न इंडिया सीमेंट प्रा.लि. और अंकुर बायोकेम प्रा.लि. एथेनॉल प्लांट लगा रही हैं। इन 5 कंपनियों ने पिछले वर्ष केंद्र सरकार से एथेनॉल खरीदने को 10 साल का अनुबंध किया है।

क्या है पॉलिसी में प्रोत्साहन

इथेनॉल कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए ड्राफ्ट नीति में 30 करोड़ रुपए तक की कैपिटल सब्सिडी और सालाना 5 प्रतिशत या 10 करोड़ रुपए तक की इंटरेस्ट सब्सिडी का प्रावधान है। इसमें सूक्ष्म उद्योगों को 30 लाख, लघु उद्योगों को एक करोड़, मध्यम को दो करोड़ और वृहत उद्योगों को 10 करोड़ रु. तक इंटरेस्ट सब्सिडी देने का प्रावधान है। सरकार द्वारा एससी, एसटी, ओबीसी, महिला, विकलांग समेत अन्य के लिए 5% विशेष सब्सिडी का प्रावधान है।

दूसरे राज्यों में क्या है व्यवस्था
बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों में औद्योगिक नीति से अलग से बायोफ्यूल पॉलिसी है। जहां इन प्लांटों के लिए 15 से 20 करोड़ रुपए तक सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। झारखंड में भी अब इसी तरह की व्यवस्था की जा रही है।