पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Jharkhand
  • Ranchi
  • Government wise ... Village Development Committees Will No Longer Get A Fund Of 5 5 Lakhs, If The Allotted Amount Is Not Spent, It Will Be Withdrawn

पूर्व की योजना पर रोक:सरकार का वार... ग्राम विकास समितियों को अब नहीं मिलेगा 5-5 लाख का फंड, आवंटित राशि खर्च नहीं हुई तो उसे वापस ली जाएगी

रांचीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • सरकार का तर्क... जब जनता द्वारा चुनी समिति है ही फिर दूसरी की क्या जरूरत
  • 172 करोड़ रुपए... समितियों को विकास कार्य के लिए मिले थे

(बिनोद ओझा) गांव के विकास के लिए पूर्व की रघुवर सरकार में पंचायत स्तर पर दो तरह की कमेटी का गठन किया गया था। इन्हें विकास फंड के रूप में दी जाने वाली 5-5 लाख रुपए की राशि पर हेमंत सरकार ने रोक लगा दी है। यानी अब इन कमेटियों को कोई पैसा नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में ग्रामीण विकास मंत्री का मानना है कि जब ग्रामीण क्षेत्रों में जनता द्वारा चुनी गई पंचायत स्तर पर समितियां मौजूद हैं तो ऐसे में अलग से समितियों के गठन की आवश्यकता नहीं है।

हालांकि पिछली सरकार में ग्रामीण विकास विभाग के तहत ही इन समितियों का गठन किया गया था। पिछले दो वित्तीय वर्ष 2018-19 में और 2019-20 में कुल 172 करोड़ों रुपए विकास कार्यों के मद में इन समितियों को दिए गए थे। इस वित्तीय वर्ष में इन्हें कोई राशि आवंटित नहीं की गई है। पूर्व में भी जो राशि आवंटित है और अगर वह खर्च नहीं हुई है तो उसे वापस लिया जाएगा। आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए आदिवासी विकास समिति और गैर आदिवासी क्षेत्रों के लिए ग्राम विकास समिति के नाम से दो तरह की गठित की गई थी। इन्हें गांवों में कुआं, तालाब, डोभा, स्ट्रीट लाइट आदि विकास कार्य करने की जिम्मेवारी सौंपी गई थी।

रघुवर सरकार में गांवों में विकास कार्यों के लिए बनी थी कमेटी : विपक्षी दलों ने किया था रघुवर सरकार की पहल का विरोध... तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा जब इस योजना को लागू किया जा रहा था। तब विपक्षी दलों ने इसका यह कहते हुए विरोध किया था कि यह पूरी तरह से राजनीतिक दृष्टिकोण से बनाई गई समिति है और पहले से ही चुने हुए प्रतिनिधियों की समितियां हैं तो ऐसी स्थिति में इसके समानांतर समितियों का गठन किया जाना उचित और नियमानूकुल नहीं है।

समितियों द्वारा किए गए खर्च का हो रहा आकलन
2 वित्तीय वर्ष में योजना के तहत समितियों द्वारा किए गए कार्यों एवं उस पर खर्च राशि का आकलन किया जा रहा है। ताकि जो योजना शुरू न हुई हो और जिस योजना की राशि अभी बची है, उसे वापस लिया जा सके। विभागीय मंत्री के आदेश के बाद इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न जिलों में पीएल अकाउंट में रखी गई राशि का भी ब्योरा मांगा गया है।

रािश दिए जाने पर रोक लगा दी गई है : मंत्री 
ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व से ही जनता द्वारा चुनी गईं समितियां हैं, ऐसे में अलग से समितियों के गठन की आवश्यकता नहीं थी। इसलिए इन समितियों को विकास कार्य के लिए राशि देने पर रोक लगा दी गई है।
आलमगीर आलम,ग्रामीण विकास मंत्री, झारखंड सरकार

पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा... फंडिंग रोकना उचित नहीं है 
पूर्व ग्रामीण विकास विभाग मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने समितियों की फंडिंग रोकने के सरकार के फैसले को उचित नहीं बताया है। कहा कि पंचायत स्तर पर स्थानीय जरूरत के आधार पर आवश्यक कार्य जल्द से जल्द किया जा सके इसे ध्यान में रखकर ही संबंधित समितियों का गठन किया गया था। ताकि अति आवश्यक छोटी-छोटी योजनाओं के लिए भी लोगों को मुखिया, बीडीओ के दौड़ न लगाना पड़े। इस समिति के माध्यम से बेहतर काम हुए हैं। 

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज पिछली कुछ कमियों से सीख लेकर अपनी दिनचर्या में और बेहतर सुधार लाने की कोशिश करेंगे। जिसमें आप सफल भी होंगे। और इस तरह की कोशिश से लोगों के साथ संबंधों में आश्चर्यजनक सुधार आएगा। नेगेटिव-...

और पढ़ें