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  • Governor Ramesh Bais Said In The Formation Of TAC In Jharkhand, The Rights Of The Governor Have Been Ignored, I Am Taking The Opinion Of Legalists On This

ट्राइबल एडवाइजरी:राज्यपाल रमेश बैस बोले- झारखंड में टीएसी के गठन में गवर्नर के अधिकारों की अनदेखी हुई है, इस पर कानूनविदों की राय ले रहा हूं

रांची8 महीने पहले
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रमेश बैस - Dainik Bhaskar
रमेश बैस
  • विधानसभा से पारित विधेयक में संविधान की मूल भावना खत्म नहीं की जा सकती, छत्तीसगढ़ में गवर्नर के अधिकार खत्म नहीं किए गए: राज्यपाल

राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) के गठन में गवर्नर के अधिकारों की अनदेखी हुई है। इस बारे में कानूनी राय ले रहा हूं। मंगलवार को राजभवन में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा से पारित विधेयक में संविधान की मूल भावना खत्म नहीं की जा सकती। पांचवी अनुसूची के तहत टीएसी के गठन में राज्यपाल की भूमिका समाप्त नहीं की जा सकती। गवर्नर द्वारा सदस्यों के नॉमिनेशन के अधिकार को खत्म नहीं किया जा सकता।

कहा कि वे इस मामले में विधि विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं। एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में टीएसी को लेकर गवर्नर के अधिकारों को समाप्त नहीं किया गया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ का दृष्टांत यहां लागू नहीं होता। यह पूछने पर कि ऐसे में कहीं बंगाल की तरह टकराव तो नहीं होगा, राज्यपाल ने कहा कि वे टकराव नहीं, झारखंड सरकार को सहयोग करने आए हैं। वे अपनी राय देंगे। उसे करना, न करना, सरकार के ऊपर है। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ भी बैठेंगे और राज्य के विकास में सहयोग देंगे।

पहले टीएसी के सदस्यों को राज्यपाल करते थे मनोनीत, अब सीएम

पहले टीएसी सदस्यों काे राज्यपाल मनोनीत करते थे, लेकिन राज्य सरकार ने विधानसभा में एक विधेयक पारित करवा कर अब वह अधिकार मुख्यमंत्री को दे दिया है। इस बार टीएसी के गठन में सभी 18 सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ने किया है। इनमें से 15 सदस्य अनुसूचित जनजाति से आने वाले विधायक, जबकि तीन अन्य सदस्य हैं।

विभिन्न दलों के नेता मिले, लेकिन विकास पर किसी ने बात नहीं की

राज्यपाल ने कहा कि उनके लिए सभी पार्टी के लोग बराबर हैं। वे सबसे मिलते हैं और आगे भी मिलते रहेंगे। लेकिन, अब तक झारखंड के जितने भी नेता उनसे मिले, किसी ने भी विकास के बारे में कोई चर्चा नहीं की। यहां पर रिस्पांसबिलिटी लेने वालों की कमी है। उन्होंने यहां विकास की अपार संभावनाएं जताईं।

विकास के लिए प्रोटोकॉल को तोड़कर काम करने को तैयार हूं

हमारा इतना ही उद्देश्य है कि झारखंड एक विकसित प्रदेश बने। प्रदेश के विकास और जनता के हित में प्रोटोकॉल तोड़कर भी हम काम करने को तैयार हैं। सीएम जो सहयोग चाहेंगे, उसे पूरा करूंगा। राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन भी चाहते हैं कि राज्य का विकास हो। उनके साथ बैठूंगा, तो कई रास्ते निकलेंगे।

राज्यपाल का अधिकार खत्म नहीं किया गया है : झामुमो

झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने राज्यपाल के बयान पर कहा कि वह संवैधानिक प्रमुख हैं। उनके किसी बयान पर वह कोई टीका टिप्पणी नहीं करना चाहते। लेकिन, यह खुशी की बात है कि वह छत्तीसगढ के मूलवासी हैं जहां रमण सिंह की सरकार ने टीएसी के गठन में कुछ बदलाव का फैसला किया था। सुप्रियो ने कहा कि झारखंड में भी राज्यपाल के अधिकार को खत्म नहीं किया गया है। टीएसी के फैसलों को राज्यपाल को भेजा जाता है।

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