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भास्कर खास:करोना काल के एक साल में बिहार स्पंज आयरन समेत आधा दर्जन बंद पड़े कारखाना चालू, 1000 से अधिक लोगों को मिला रोजगार

रांची9 दिन पहले
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  • उद्योग विभाग की पहल पर कंपनियों को मिली थी पुरानी जमीन और प्रोत्साहन पैकेज

उद्योग क्षेत्र के लिए एक अच्छी खबर है। करोना काल के इस एक साल के दौरान में बिहार स्पंज आयरन समेत आधे दर्जन से अधिक बंद पड़े उद्योग चालू हुए हैं। बिहार स्पंज आयरन पिछले करीब 15 वर्षों से बंद था। चांडिल स्थित इस आयरन प्लांट से उत्पादन 3 दिन पहले शुरू हुआ है।जो लोग काम से बैठे थे, उसमें से करीब 400 लोगों को फिर से रोजगार मिले हैं। इसी तरह बोकारो औद्योगिक क्षेत्र में भी बरसों से बंद पड़े करीब आधा दर्जन प्लांट फिर से चालू हुए हैं। करीब एक माह से वहां उत्पादन शुरू हो गया है। इससे वहां करीब 600 से अधिक लोग सीधे रोजगार से जुड़ गए हैं।

आधुनिक ग्रुप ने लिया है बिहार स्पंज आयरन को
बिहार स्पंज आयरन अविभाजित बिहार के समय की पुरानी कंपनी थी। बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम और उमेश मोदी समूह का संयुक्त उपक्रम था। जो पहले चली, लेकिन वर्ष बरसों से बंद थी। आधुनिक उद्योग समूह की वनराज स्टील को यह प्लांट दिलाया गया। अगस्त 2021 में इसके साथ एमओयू हुआ। नंबर 2021 में आधुनिक ग्रुप को हैंडओवर किया गया। उसके बाद इससे उत्पादन शुरू हुआ।

ऐसे हुई शुरुआत, पुरानी बंद पड़ी कंपनियां राज्य सरकार के प्रयास के बाद चालू हुई हैं
उद्योग विभाग की पहल पर और नए एमओयू के कारण ये सफलता मिली है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने और औद्योगिक वातावरण तैयार किए जाने को लेकर उद्योग विभाग ने जो प्रयास किया है, उसके ये सुखद परिणाम हैं। इनमें या तो पुरानी कंपनियां ही राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद चालू हुई हैं या बंद पड़े कारखाने की जमीन दूसरी औद्योगिक इकाइयों को देने से इसकी शुरुआत हुई है।

बोकारो इंडस्ट्रियल एरिया में मंगलम इस्पात की शुरुआत हुई है। इसके अलावा शिवोहम इस्पात भी पुराने प्लांट को लेकर उसके ब्लास्ट फर्नेस को चालू किया गया है। इन दोनों प्लांटों से प्रतिदिन 10 -10 टन इस्पात उत्पादन शुरू हुआ है। इसके अलावा 12 वर्षों से बंद पड़ी मां काली पेपर मिल भी चालू हुआ है। उद्योग विभाग का कहना है कि यह एक सुखद शुरुआत है। इस वर्ष कई और बंद पड़ी इकाइयों को चालू कराने का प्रयास किया जाएगा।

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