‌BJP नेता का हत्यारा 15 दिन बाद अरेस्ट:कल ही रांची पुलिस इसकी सूचना देने वाले को 1 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की थी, आज सरेंडर करने कोर्ट पहुंचा, वहीं घात लगाई हुई थी पुलिस

रांची20 दिन पहले
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जीत राम मुंडा सिविल कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था। वहां पहले से पुलिस घात लगाकर बैठी थी। जैसे ही वह सरेंडर करने पहुंचा, पुलिस उसे दबोच ली। - Dainik Bhaskar
जीत राम मुंडा सिविल कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था। वहां पहले से पुलिस घात लगाकर बैठी थी। जैसे ही वह सरेंडर करने पहुंचा, पुलिस उसे दबोच ली।

रांची में BJP के SC मोर्चा के ग्रामीण जिलाध्यक्ष जीत राम मुंडा हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता मनोज मुंडा को रांची पुलिस गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। वह 15 दिनों से फरार चल रहा था। उसे रांची सिविल कोर्ट परिसर से अरेस्ट किया गया है। लगातार बढ़ रही पुलिसिया दबिश से बचने के लिए वह गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था, लेकिन पहले से घात लगाई पुलिस उसे सरेंडर करने से पहले ही दबोच लिया।

अपनी गिरफ्तारी से पहले मीडिया से बातचीत में मनोज मुंडा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। उसने कहा कि आपसी रंजिश के कारण पुलिस उसे परेशान कर रही है। मनोज मुंडा पर पुलिस ने 1 लाख रुपए ईनाम रखा था। बुधवार को रांची के SSP एसके झा की तरफ से इसकी घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा था कि इसकी सूचना या जानकारी देने वालों को एक लाख रुपए दिया जाएगा।

दो शूटर पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस दो शूटर को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उसने पुलिस को बताया था कि उसे मनोज मुंडा ने जीतराम मुंडा की सुपारी दी थी। पुलिस के मुताबिक SSP सुरेंद्र झा के निर्देश पर गठित एसआईटी की टीम ने कार्रवाई करते बीते 28 सितंबर को UP के गाजीपुर से डब्लू यादव और रांची से कार्तिक मुंडा को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो बाइक, एक कार समेत कई अन्य सामान बरामद किए गए थे।

22 सितंबर की शाम ओरमांझी में हुई थी हत्या

BJP नेता जीतराम मुंडा की हत्या 22 सितंबर की शाम ओरमांझी के होटल आर्यन में की गई थी। तब वे कांग्रेस नेता का पुतला दहन कर होटल में चाय पी रहे थे। इस दौरान दो अपराधियों ने बाइक से वहां आकर उन्हें गोली मार दी थी। गोली लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।

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