रांची में नर्सों का हंगामा:CM हाउस का घेराव करने जा रही नर्सों का आरोप- कोरोना काल के दौरान आनन-फानन में हुई नियुक्ति, अब बिना वेतन भुगतान के किया गया बेरोजगार, पुलिस ने रोका

रांची2 महीने पहले
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हेल्थवर्कर्स अ़ड़े हुए हैं कि वे CM से मिलकर अपनी परेशानी सुनाएंगे। वहीं पुलिस का कहना है कि उनकी मांगों को संबंधित पदाधिकारी तक पहुंचाया जाएगा। - Dainik Bhaskar
हेल्थवर्कर्स अ़ड़े हुए हैं कि वे CM से मिलकर अपनी परेशानी सुनाएंगे। वहीं पुलिस का कहना है कि उनकी मांगों को संबंधित पदाधिकारी तक पहुंचाया जाएगा।

RIMS में आउटसोर्स पर नियुक्त हेल्थ वर्कर्स मोरहाबादी मैदान में आंदोलन पर बैठ गए हैं। यह सभी CM हाउस का घेराव कर CM हेमंत सोरेन को अपनी व्यथा सुनाना चाहते हैं, लेकिन पुलिस इन्हें यहीं रोक दी है। इनका कहना है कि RIMS में इनकी सुनने वाला अब कोई नहीं है।

नर्सों का कहना है कि कोरोना के दौरान हम लोगों से सेवा लिया गया है। अब हमें काम से हटाया जा रहा है। अब तक वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है। हम अपनी समस्याओं को CM हेमंत सोरेन के पास रखने के लिए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस हमलोगों को जाने नहीं दे रही है।

वहीं मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों का कहना है कि सभी नर्सें रिम्स से निकलकर मोरहाबादी के रास्ते मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकली है। हम लोगों ने इन्हें रोका है। इनकी जो मांग है उसे आगे पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

क्यों कर रहे हैं हंगामा

कार्य आदेश (वर्क आर्डर) में अंकित था कि इन्हें न्यूनतम तीन माह और अधिकतम 1 साल तक के लिए काम पर रखा जाएगा। इनकी सेवा की अवधि 10 अगस्त को खत्म हो रही है। इस बाबत रिम्स चिकित्सा अधीक्षक की ओर से सेवा समाप्ति को लेकर पत्र जारी किया गया है। इससे नाराज छात्रों ने आज मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का निर्णय लिया।

कोरोना काल में 749 हेल्थ वर्कर्स की हुई थी नियुक्ति

कोरोना काल के दौरान एनएचएम के सौजन्य से विज्ञापन निकाला गया था। मैन पावर की सप्लाई का जिम्मा टी एंड एम सर्विसेज कंसलटिंग लिमिटेड को दिया गया था। कंपनी के माध्यम से रिम्स में 749 लोगों को नियुक्त किया गया था। इनमें स्टाफ नर्स (ग्रेड-A), मल्टी परपस वर्कर, एनएसथीसिया टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन, स्वीपर और सिक्योरिटी गार्ड की नियुक्ति हुई थी।