IAS रुल्स में संशोधन का सोरेन सरकार ने किया विरोध:PM मोदी को लिखा पत्र, कहा- बिना NOC के ऑफिसर की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति उचित नहीं

रांची5 महीने पहले
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झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित IAS संवर्ग नियमों में संशोधनों का विरोध किया है। CM सोरेन इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इस संबंध में PM नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि नए प्रस्तावित नियमों के मुताबिक केंद्र सरकार बिना राज्य सरकार से NOC लिए ऑफिसर की सहमति से उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुला सकती है।

CM ने कहा है कि यह उचित कदम नहीं होगा। एक तो पहले से ही राज्यों में अखिल भारतीय स्तर के अधिकारियों की कमी होती है। मात्र तीन कैटेगरी IAS, IPS और IFS के अधिकारी राज्यों को मिलते हैं। वो भी तय संख्या के मुताबिक नहीं। अगर केंद्र सरकार इन्हें भी अपनी इच्छानुसार राज्य से हटा देगी तो राज्य की योजनाएं प्रभावित होंगी।

स्थाई कोर कैडर बनाने पर विचार करे केंद्र सरकार
उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि केंद्र की भी लगभग सभी योजनाएं राज्य के माध्यम से ही लागू होती हैं। राज्य की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का जिम्मा भी इन्हीं अधिकारियों पर होता है। जरूरी नहीं कि राज्य और केंद्र में एक ही पार्टी या विचारधारा की सरकार हो। केंद्र सरकार का यह कदम संघीय व्यवस्था के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा है कि केंद्र अपने लिए ऐसे अधिकारियों का एक स्थायी कोर कैडर बनाने पर विचार करे।

पहले ही अधिकारियों की किल्लत से जूझ रहा है झारखंड
झारखंड जैसे छोटे संवर्गों में अधिकारियों की भारी कमी है। आज की स्थिति में राज्य में केवल 140 IAS अधिकारी (65%) कार्यरत हैं, जबकि 215 की स्वीकृत संख्या है। झारखंड में भारतीय वन सेवा संवर्ग की स्थिति बेहतर नहीं है। अधिकारी एक से अधिक प्रभार संभाल रहे हैं और अधिकारियों की इस भारी कमी के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहा है।

अधिकारी व उसके परिवार पर बुरा असर डालेगा यह निर्णय
CM ने अपने पत्र में कहा है कि किसी अधिकारी की उसके संवर्ग के बाहर अचानक प्रतिनियुक्ति निश्चित रूप से अधिकारी और उसके परिवार के लिए भारी अशांति का कारण बनेगी। यह उनके बच्चों की शिक्षा में बाधा भी डालेगा। यह निश्चित रूप से अधिकारी को डिमोटिवेट करेगा। उसका मनोबल कम करेगा।