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रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी:हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- बिना बताए कैसे दाखिल की चार्जशीट

रांची2 महीने पहले
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  • रेमडेसिविर की कालाबाजारी केस की जांच पर सवाल
  • चीफ जस्टिस बोले- जो तथ्य आ रहे हैं, कुछ गड़बड़ी है

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी मामले में चल रही जांच पर हाईकोर्ट ने असंतोष जताया है। साथ ही सरकार से पूछा है कि इस केस की मॉनिटरिंग जब हाईकोर्ट कर रहा है तो अदालत को जानकारी दिए बिना चार्जशीट कैसे दाखिल कर दी गई? आरोपी को सरकारी गवाह बनाने से पहले हाईकोर्ट को जानकारी क्यों नहीं दी गई? चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच गुरुवार काे मामले की सुनवाई कर रही थी।

कोर्ट ने एसआईटी कमेटी की जांच पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जांच के दौरान जो रिकॉर्ड तैयार किया गया है, उसमें स्टेटमेंट सही नहीं आ रहा। जांच रिपोर्ट में यह भी साफ नहीं है कि इस मामले की जांच सीआईडी कर रही है या फिर एसआईटी। चीफ जस्टिस ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि जो तथ्य सामने आ रहे हैं, लगता है कि उसमें कुछ गड़बड़ी है। इससे पहले मामले के अनुसंधानकर्ता ने कोर्ट को बताया कि एक व्यक्ति को सरकारी गवाह बनाया गया है।

किसी कारण से एसआईटी का नेतृत्व कर रहे एडीजी अनिल पालटा पेश नहीं हुए। इसकी सूचना उन्होंने कोर्ट को दे दी थी। उल्लेखनीय है कि कोरोनाकाल में रेमडेसिविर समेत अन्य जरूरी दवाओं के दुकानों से गायब होने और कालाबाजारी करने के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया था। स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश दिया था।

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