सेवा नियमितीकरण की याचिका:हाईकाेर्ट का आदेश- अनुबंध पर कार्यरत महिला पर्यवेक्षकाें की सेवा नियमित करें

रांची15 दिन पहले
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  • कोर्ट ने महिला बाल विकास विभाग को दिया 12 सप्ताह का समय

महिला बाल विकास विभाग में 10 साल से अधिक समय से अनुबंध पर कार्यरत महिला पर्यवेक्षक नियमित हाेंगी। हाईकाेर्ट के जस्टिस डाॅ. एसएन पाठक ने विभागीय सचिव काे 12 हफ्ते में ऐसे कर्मियों की सेवा नियमित करने का आदेश दिया है। धनबाद में कार्यरत नीतू कुमारी और अन्य ने सेवा नियमितीकरण की याचिका दी थी।

सुनवाई के दाैरान याचिकाकर्ता ने काेर्ट काे बताया कि ये महिला पर्यवेक्षक 15 वर्ष से अनुबंध पर कार्यरत हैं, पर सरकार सेवा नियमित नहीं कर रही। उन्हाेंने उमा देवी बनाम कर्नाटक सरकार के मामले में सुप्रीम काेर्ट के आदेश का हवाला दिया।

पिछले हफ्ते भी 23 कर्मियाें काे नियमित करने का दिया था आदेश
हाईकाेर्ट ने पिछले सप्ताह भी महिला बाल विकास सचिव काे 10 सप्ताह में 23 महिला पर्यवेक्षकाें काे नियमित करने का आदेश दिया था। देवघर की महिला पर्यवेक्षक प्रियंका कुमारी और अन्य ने याचिका दी थी। इसमें कहा था कि कई जिलाें में 2005 से महिला पर्यवेक्षक अनुबंध पर काम कर रही हैं। सुप्रीम काेर्ट के आदेश और राज्य सरकार की नियमितीकरण नियमावली-2015 के मुताबिक इन्हें नियमित करना चाहिए। लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया गया।

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