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नई नियमावली को चुनौती:हाईकोर्ट ने नई नियमावली पर राज्य सरकार से मांगा जवाब, कहा- फैसले से थोक शराब की बिक्री के लिए जारी लाइसेंस होंगे प्रभावित

रांची17 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • झारखंड रिटेल लिकर वेंडर एसोसिएशन ने सरकार की नई नियमावली को दी है चुनौती
  • याचिकाकर्ता के वकील ने कहा- सरकारी कॉरपोरेशन को निजी हाथों में दिया जा रहा है
  • शर्तें भी ऐसी हैं कि कुछ सेलेक्टेड लाेग ही शराब के कारोबार पर काबिज हो जाएंगे

झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को राज्य में शराब की थोक बिक्री के लिए बनी नई नियमावली को चुनौती देनेवाली याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डाॅ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि शराब की थोक बिक्री के लिए जितने लाइसेंस जारी हो चुके हैं, वे इस मामले के अंतिम फैसले से प्रभावित होंगे। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार ने कहा कि झारखंड उत्पाद अधिनियम-1915 में लाइसेंस निर्गत करने के लिए सक्षम पदाधिकारी कलेक्टर होते हैं, लेकिन नई नियमावली में यह अधिकार उत्पाद आयुक्त को दे दिया गया है।

सरकार ने ऐसे कई नियम बनाए हैं, जो सिर्फ बोर्ड ऑफ रेवेन्यू द्वारा ही किया जा सकता है। इसलिए, नई नियमावली अवैध एवं गैरकानूनी है। कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने 9 जून 2021 को गजट प्रकाशन किया है, जिसमें विभाग ने नई नियमावली लागू करने की तिथि 8 अगस्त तय की है। लेकिन, नई नियमावली लागू होने से पहले ही 11 जून को शराब के थोक व्यवसाय के लिए लाइसेंस जारी करने का विज्ञापन निकाल दिया गया। जब मामला प्रकाश में आया, तब विभाग ने 24 जून को दोबारा अधिसूचना जारी कर 9 जून से ही नई नियमावली के लागू होने की बात कही। इसके बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

गौरतलब है कि झारखंड रिटेल लिकर वेंडर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर नई नियमावली को चुुनौती दी है। एसोसिएशन की ओर से अंचित साह ने कहा है कि 2013 से वेबरेज कॉरपोरेशन राज्य में अच्छे तरीके से व्यापार कर रहा था। सरकारी कॉरपोरेशन को अब निजी हाथों में दिया जा रहा है और ऐसी शर्तों पर दिया जा रहा है, जिसमें आम व्यवसायी चाहकर भी पहल नहीं कर सकते हैं। जाे रूल बनाया गया है, वह गैरवाजिब है। ऐसा नियम बनाया गया है कि कुछ सेलेक्टेड लाेग ही राज्य में शराब व्यापार हथिया लें।

इधर, उत्पाद विभाग ने नौ जिलों में शराब की थोक बिक्री के लिए जारी किए लाइसेंस

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने बुधवार को नौ जिलों में शराब की थोक ब्रिक्री के लिए लाइसेंस जारी कर दिया। शेष 15 जिलों में भी थोक बिक्री के लिए लाइसेंस जल्द जारी कर दिए जाएंगे, अभी विभागीय प्रक्रिया जारी है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने शराब की खुदरा बिक्री के बाद थोक बिक्री की जिम्मेदारी भी निजी हाथों में देने का फैसला किया है।

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