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  • If Irrigation Facility Was Provided, Then The Open Road ... Used To Work In The Fields Of Others, Now Two To Three Crops Are Growing In Their Fields.

योजना:सिंचाई सुविधा मिली तो खुली राह... दूसरों के खेतों में करते थे मजदूरी, अब अपने खेत में उगा रहे दो से तीन फसलें

रांची2 वर्ष पहले
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  • मनरेगा की सिंचाई कूप निर्माण योजना से राज्य के किसानों की बदल रही जिंदगी

जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत ग्राम बमरजा के लाभुक किसानों के लिए मनरेगा के तहत संचालित सिंचाई कूप निर्माण योजना बहुत सार्थक सिद्ध हुई है। इस योजना में वैसे किसानों में आत्मविश्वास लौट आया है, जो सिंचाई के अभाव में दूसरों के खेत में काम करते थे। अब अपने खेतों में कई फसलें उगा कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। किसान कोयलो उरांव ने वित्तीय वर्ष 2015-16 में सिंचाई कूप योजना की मांग ग्राम सभा में की थी, जिसके बाद उन्हें 4,20,900 रु. की योजना मिली। जिसका भरपूर लाभ उन्हें अब मिल रहा है। किसान कोयलो दूसरे खेत में खेती करते थे, लेकिन मनरेगा योजना के तहत सिंचाई कूप के लिए मिली राशि ने उसके जीवन में बड़ा बदलाव लाया। जिस इलाके में उसके खेत हैं, वहां पानी की कमी थी। खेती के लिए पर्याप्त संसाधन भी नहीं थे। लेकिन अब कोयला उरांव ने खुद खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति सुधार ली। कोयलो उरांव का कहना है कि अब वह पहले से चार गुना ज्यादा फसलें उपजा रहे हैं। इस वर्ष सब्जी की खेती (आलू, मटर, बीन, करेला, गोभी, प्याज़, टमाटर, आरु आदि) से लगभग 2.10 लाख रुपए कमाई हुई है।

खूंटी और कर्रा प्रखंड के दर्जनों किसानों को मिला सिंचाई कूप योजना का लाभ

सिंचाई योजनाओं का लाभ कर्रा प्रखंड के गुनी पंचायत के गुनी गांव के ही मंगला उरांव को भी मिल चुका है। खूंटी प्रखंड सह पंचायत के बिरहु गांव निवासी विनोद महतो भी इस योजना के लाभुक हैं। कर्रा के डहू पंचायत के ग्राम लोआ निवासी लालू सिंह भी सिंचाई कूप योजना का लाभ उठा चुके हैं। इन लोगों का कहना है कि वे मनरेगा के तहत मजदूरी करते थे। लेकिन ग्राम सभा के माध्यम से सिंचाई योजना का लाभ मिलने से वे लोग सब्जियों सहित दो से तीन फसल उपजा रहे हैं।

किसानों को रोजगार से जोड़ना लक्ष्य
कोरोना महामारी के इस चुनौतीपूर्ण समय में किसानों एवं मजदूरों को आजीविका से जोड़ना सरकार की प्रतिबद्धता है। नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना के माध्यम से बंजर भूमि को उपजाऊ में तब्दील कर रोजगार सृजन के उद्देश्य को पूरा किया जा रहा है। विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरे राज्य में इस पर काम कर रहा है।

-सिद्धार्थ त्रिपाठी, मनरेगा आयुक्त

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