बदले की कहानी:रांची में एक उग्रवादी पहले मुख्यधारा में लौटा, गार्ड की नौकरी मिली, नौकरी से निकलवाया तो सहयोगी का मर्डर कर दिया

रांची7 महीने पहले
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28 अक्टूबर की रात रांची के केंद्रीय मन: संस्थान (CIP) के मेन गेट पर यहां के गार्ड कमलेश प्रसाद की गोली मार कर हत्या कर दी गई। पूरे संस्थान में हड़कंप मच गया। यहां काम करने वाले डॉक्टर से लेकर अन्य हेल्थ वर्कर्स तक खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे। सहम गए। वे आरोपियों की गिरफ्तारी करने के लिए सड़क पर उतर आए।

पुलिस हरकत में आई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी शुरू हुई। रांची से दूर गुमला में आरोपी का लोकेशन मिला। त्वरित कार्रवाई हुई और 4 दिन बाद हत्यारे रवि साहू को गुमला के एक गांव से गिरफ्तार किया गया।

मृतक कमलेश का भांजा सिक्योंरिटी कंपनी का मैनेजर था। रवि साहू ने बताया कि उसी को कह कर कमलेश ने उसे नौकरी से निकलवाया था। (मृतक कमलेश की फाइल फोटो)
मृतक कमलेश का भांजा सिक्योंरिटी कंपनी का मैनेजर था। रवि साहू ने बताया कि उसी को कह कर कमलेश ने उसे नौकरी से निकलवाया था। (मृतक कमलेश की फाइल फोटो)

गिरफ्तार अपराधी ने पुलिसिया पूछताछ में कई राज उगले। उसने बताया कि वह PLFI जैसे उग्रवादी संगठन के लिए काम कर चुका था। कमलेश ने उसे नौकरी से निकलवा दिया था। इसलिए प्लान कर के गोली मार कर उसकी हत्या कर दी।

भांजे से कहकर कमलेश ने निकलवाया था, इसलिए मारा
रवि साहू ने बताया कि वह 6-7 साल से एक निजी एजेंसी में गार्ड था, करीब सात महीने पहले उसे CIP में तैनात किया गया था। ड्यूटी के दाैरान अक्सर उसका अपने सहकर्मी कमलेश से विवाद हाेता रहता था। दोनों के बीच इतना विवाद बढ़ गया था कि एक-दूसरे काे देख लेने तक की धमकी देने लगे थे।

कमलेश का भांजा तरुण सिन्हा एजेंसी में मैनेजर के पद पर है।अपने भांजे की मदद से कमलेश ने कुछ महीने पहले रवि काे नौकरी से हटवा दिया था। इसके बाद रवि ने उसकी हत्या की योजना बनाई और उसे गोली मार दी मार दिया।

नक्सली मित्रों से अकसर करता था मुलाकात
रवि साहू आठ वर्ष पहले उग्रवादी संगठन PLFI का सक्रिय सदस्य था। कई उग्रवादियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने और गिरफ्तार हाेने के बाद संगठन कमजोर पड़ने पर वह अलग हो गया था। अपना खर्च चलाने के लिए गार्ड का काम कर रहा था।

हालांकि, छुट्टी में घर आने-जाने के दाैरान वह संगठन के पुराने सदस्यों से मिलता-जुलता था। यही वजह है कि गार्ड की नौकरी छूटने के बाद गांव चला गया। वहां से अपने पुराने दोस्तों से हथियार मांगकर अकेले कांके आया और ड्यूटी पर तैनात कमलेश की गाेली मारकर हत्या कर दी।

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