भास्कर पड़ताल:रांची में हर माह लगभग 7,233 गर्भवतियों का होता है प्रसव, पर टीका लेनेवाली गर्भवती मात्र 5.81% ही

रांची4 महीने पहले
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एक माह में सदर-रिम्स समेत 5 निजी अस्पतालों में 225 संक्रमितों का प्रसव - Dainik Bhaskar
एक माह में सदर-रिम्स समेत 5 निजी अस्पतालों में 225 संक्रमितों का प्रसव
  • पांच रिपोर्टर ने 10 वैक्सिनेशन सेंटरों से जुटाए गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के आंकड़े
  • इधर, प्रतिदिन औसतन 14 गर्भवती ले रहीं टीका, यानी एक माह में 420 ने ली वैक्सीन, 6,700 दूर रहीं

राजधानी रांची में वैक्सीन का पहला डोज लेनेवालाें की संख्या 90% के करीब पहुंच चुकी है। दूसरा डोज भी 57% आबादी ने ले लिया है। लेकिन, अब भी गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से अछूती हैं। राजधानी में हर साल करीब 80 हजार महिलाओं का प्रसव होता है। महीने के हिसाब से आकलन करें तो अनुमानित संख्या 7,233 के करीब है, जबकि कुल टीकाकरण में इनकी सहभागिता की बात करें तो एक माह में 420 गर्भवती ने ही टीका लगवाया है।

ऐसे में हर माह होने वाले प्रसव के हिसाब से यह संख्या मात्र 5.81% के करीब है। यानी 6,700 से ज्यादा गर्भवती प्रति माह टीके से वंचित रह जा रही हैं। ये खुद ही वैक्सिनेशन के लिए आगे नहीं आ रही, क्योंकि इन्हें डर है कि टीका लेने के बाद कहीं स्वास्थ्य पर असर न पड़े और बच्चे पर वैक्सीन का कोई दुष्परिणाम न हो। दैनिक भास्कर की टीम ने मंगलवार को 10 वैक्सिनेशन सेंटर जाकर एक माह में टीका लेने वालों गर्भवती महिलाओं की संख्या निकाली।

पड़ताल के दौरान पता चला कि हर सेंटर पर रोजाना एक या दो ही गर्भवती महिला ने टीका लिया है। ज्यादातर सेंटरों पर औसत संख्या एक रही। यानी 10 सेंटर में भास्कर की टीम ने वैक्सीन लेने वाली गर्भवती का औसत 14 प्रतिदिन निर्धारित किया।

यानी इन केंद्रों में एक माह में 420 गर्भवती ने ही वैक्सीन ली, जबकि वैक्सिनेशन के नोडल अधिकारी ने बताया कि पूरे जिले की बात करें, तो सभी सेंटर्स को मिलाकर कुल गर्भवती महिलाओं में सिर्फ 10% ही टीका ले रही हैं। बाकी टीकाकरण के लिए आगे नहीं आ रही हैं।

21 डबल डोज ले चुकी थीं, 33 ने सिर्फ एक डोज लिया था- बाकी ने टीका नहीं लिया था
पड़ताल के दौरान पता चला कि जिले के दो सरकारी व पांच प्राइवेट अस्पतालों में करीब 225 कोरोना संक्रमित गर्भवती का प्रसव हुआ है। इसमें सदर अस्पताल में 23 और रिम्स में 34 संक्रमित महिलाओं का प्रसव हुअा। बाकी गर्भवती का प्रसव शहर के विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में हुआ है। वैक्सिनेशन संबंधित जानकारी लेने पर अस्पताल के कर्मियों और उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, 225 संक्रमित गर्भवती महिलाओं में 21 ने ही डबल डोज लिया था, जबकि 33 ने सिर्फ एक डोज और बाकी ने एक भी डाेज नही लिया था।

वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित, नहीं लगवाई तो नवजात में दो तरह की परेशानियां संभव
नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन (एनटागी) के कोविड-19 वर्किंग ग्रुप के चेयरमैन डॉ. नरेंद्र अरोड़ा का कहना है कि वैक्सीन नहीं लगवाने और कोरोना हो जाने पर गर्भवती महिलाओं को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। यदि गर्भ के दौरान संक्रमण हुआ तो गर्भवती को आईसीयू में भर्ती होना पड़ सकता है। समय से पहले बच्चे का जन्म हो सकता है। बच्चा कम वजन का पैदा हो सकता है।

नोडल अधिकारी ने कहा- ज्यादातर गर्भवती महिलाओं के मन में बच्चे को लेकर है डर
इधर, गर्भवती महिलाओं के टीके पर वैक्सिनेशन के नोडल अफसर डॉ. शशिभूषण खलखो ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण को लेकर अभी भी जागरूकता की कमी है। वे टीके लेने के लिए आगे नहीं आ रही हैं। उन्हें डर है कि कहीं वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट उनके पेट में पल रहे बच्चे पर न पड़ जाए और यह डर स्वाभाविक भी है। हालांकि, धीरे-धीरे कुछ गर्भवती महिलाएं टीका ले भी रही हैं, लेकिन इनकी संख्या कम है। प्रति माह जितनी गर्भवती का प्रसव होता है, उनमें करीब 10 से 12% ही टीकाकरण के लिए आगे आ रही हैं।

भास्कर एक्सप्लेनर; डॉ. मीना मेहता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ

जच्चा और बच्चा दोनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षति है टीका

  • Q. वैक्सिनेशन को लेकर अब भी गर्भवती महिलाएं आगे नहीं आ रहीं, क्या टीका उनके लिए सुरक्षित नहीं है?
  • टीका सभी के लिए सुरक्षित है। वे आगे इसलिए नहीं आ रहीं, क्योंकि उनके मन में बच्चे काे लेकर डर है कि कहीं उसे कोई नुकसान न हो जाए। पर, यह सिर्फ भ्रांति है। टीका उन्हें जरूर लेना चाहिए।
  • Q. क्या ऐसे कोई मामले आए हैं कि जो टीका ली हो और प्रसव के बाद उसके बच्चे को कोई परेशानी हुई हो?
  • टीका लेेने के बाद कई महिलाओं को प्रसव करा चुकी हूं, लेकिन किसी भी बच्चे में कोई कॉम्पलिकेशन नहीं दिखी है। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है।
  • Q. गर्भवतियों को काउंसिलिंग के दौरान वैक्सिनेशन के प्रेरित किया जाए तो क्या इससे फायदा होगा?
  • गर्भावस्था के दौरान शुरू से ही हर गर्भवती डॉक्टर के संपर्क में रहती ही है, ऐसे में उन्हें बेहतर हेल्थ के लिए लगातार जागरूक किया जाता है। टीकाकरण के लिए भी प्रेरित किया जाता है। कई महिलाएं प्रेरित होकर टीका लेती भी हैं और उनके स्वास्थ्य पर किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं होता है।
  • Q. यदि टीका नहीं लिया हो और गर्भवती संक्रमित हो जाए, ऐसे में बच्चे पर कितना असर पड़ता है?
  • सिर्फ कोविड ही नहीं, किसी भी तरह का वायरल फीवर या इंफेक्शन बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे में टीका लेने वालों में गंभीर लक्षण नहीं होते, अगर संक्रमण होता भी है, तो जिन्होंने टीका लिया है वे और उनके बच्चे ज्यादा स्वस्थ रहेंगे।
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