जिन्हें अपनों ने छोड़ा, डालसा बना उनका सहारा:तीन माह में 66 मरीजों को रिम्स में भर्ती कराया, इलाज का भी खर्च उठाया, इनमें कई अब स्वस्थ

रांची3 महीने पहलेलेखक: अमन मिश्रा
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मरीज से जानकारी लेतीं अनिता यादव - Dainik Bhaskar
मरीज से जानकारी लेतीं अनिता यादव

रिम्स में खून की दलाली, बेड दिलाने के नाम पर दलाली, दवा के नाम पर दलाली और जांच के नाम पर दलाली आम है। हर दूसरे दिन रिम्स में दलाल पकड़े जाने की खबर सुर्खियों में रहती है। इसी संस्थान के परिसर में एक ऐसी संस्था भी है, जिसके प्रतिनिधि हर दिन और हर समय बेसहारा मरीजाें और परिजनाें की मदद में गुजारते हैं।

यह कहानी है जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) का। यह रिम्स में किसी फरिश्ते से कम नहीं है। डालसा की ओर से अनिता यादव को रिम्स में प्रतिनियुक्त किया गया, जिसके बाद वह गरीब व असहाय मरीजों को चिकित्सीय सुविधाएं और लाभ दिलाने में लगी रहती हैं। पिछले तीन महीनों का रिकॉर्ड देखें तो डालसा ने 66 मरीजों को रिम्स में भर्ती कराकर इलाज कराया है।

जानकारी के अनुसार, कई ठीक भी हो गए और कई अभी भी इलाजरत हैं। ये वैसे मरीज हैं, जो अत्यंत गरीब व असहाय हैं। इनके पास किसी तरह की सरकारी योजना का लाभ नहीं है। इनके इलाज का खर्च भी डालसा वहन करती है। इन 66 मरीजों में 52 मरीजाें को डालसा ने मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थो और न्यूरो सर्जरी के वार्डों में भर्ती कराया है। जबकि, 4 मरीज को कैंसर विभाग और 7 लावारिसों को रिम्स में उनकी बीमारी से संबंधित वार्ड, 3 को रिनपास और सीआईपी में भर्ती कराया है।

एक लावारिस की कहानी... विक्की देवी को पति ने छोड़कर दूसरी शादी की तो बिगड़ गई मानसिक स्थिति

बंगाल की एक 35 वर्षीय महिला जिसका नाम विक्की देवी है... वह लावारिश हालत में भटकती हुई रिम्स पहुंच गई थी। मानसिक स्थिति थोड़ी खराब थी, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने रिम्स में भर्ती करा दिया था। अनीता को इसकी जानकारी मिली तो वे तुरंत महिला से मिलने पहुंचीं। किसी तरह परिजनों का संपर्क ढूढ़कर उन्हें विक्की देवी के बारे बताया।

परिजनों से बातचीत के क्रम में पता चला कि विक्की देवी के पति ने उसे छोड़कर दूसरी शादी कर ली। इसके बाद से ही उसकी मानसिक स्थिति थोड़ी गड़बड़ा गई। महिला का एक देवर दरोगा है, जिसे ढूंढते हुए वह रांची में भटकर रिम्स पहुंच गई थी। विक्की की पहले से एक बेटी भी है और वह बीए की पढ़ाई पूरी कर चुकी है। सीआईपी के चिकित्सकों ने बताया कि फिलहाल उसका इलाज जारी है, 15 दिनों के भीतर उसके ठीक होने के आसार हैं।

वर्तमान में 10 लावारिस मरीजों का चल रहा इलाज : जिन्हें अपने दर-दर की ठोकरें खाने के लिए लावारिस की तरह छोड़ देते है, अभी वैसे 10 मरीजों का इलाज डालसा की देखरेख में चल रहा है। पीएलवी अनीता ने बताया कि डालसा द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। सूचना मिलने पर डालसा की टीम वहां पहुंचकर लावारिस को एंबुलेंस में लेकर रिम्स पहुंचती है। चिकित्सा अधीक्षक की मदद से भर्ती कराकर चिकित्सीय सेवा उपलब्ध कराती है। इन्हीं 10 लावारिस में से 3 सीआईपी व रिनपास में भर्ती हैं। जबकि, अन्य 7 रिम्स के विभिन्न वार्डों में इलाजरत हैं।

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