पार्किंग पर नया विवाद:इंडिया-न्यूजीलैंड मैच 19 को : अब एचईसी ने पार्किंग के लिए जगह देने से किया इंकार

रांचीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोलकाता के ईडन गार्डन स्टेडियम का नहीं है पार्किंग, प्रशासन ही तय करता है
  • 2019 में भी एचईसी ने जताई थी आपत्ति, दर्ज हुआ था केस, प्रशासन की पहल पर मिली थी पार्किंग

19 नवंबर को इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले टी-20 मैच पर अब एचईसी ने आपत्ति जताई है। जेएससीए ने एचईसी को पत्र लिखकर स्टेडियम के समीप वाहन पार्किंग बनाने के लिए स्थान सुनिश्चित करने का आग्रह किया था, जिसपर एचईसी ने आपत्ति जताते हुए जमीन देने से इंकार कर दिया है। इसके बाद अब पार्किंग पर नया विवाद खड़ा हो गया है।

हालांकि, जेएससीए के अधिकारियों ने बताया कि यह कोई विवाद नहीं है। वर्ष 1919 में भी एचईसी ने पार्किंग पर आपत्ति जताई थी, पार्किंग निर्माण रोकने का प्रयास किया था। इस पर पार्किंग बनाने वाले कांट्रैक्टर ने एचईसी पर और बाद में एचईसी ने कांट्रैक्टर पर एफआईआर तक किए थे, पर मैच हुआ था। राज्य के लिए यह मैच बड़ा इवेंट है। उम्मीद है कि इस बार भी प्रशासन रास्ता निकाल लेगा। रांची के डीसी छवि रंजन ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि अभी इस संबंध में उन तक जानकारी नहीं पहुंची है। जेएससीए या एचईसी ने कोई सूचना नहीं दी है।

पिछले मैच से ही एचईसी और जेएससीए के बीच चल रहा है विवाद

वर्ष 2015 के बाद अब तक जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में आठ इंटरनेशनल मैच हो चुके हैं। सात मैचों तक जेएससीए पार्किंग के लिए एचईसी से जमीन देने का आग्रह करता था। एचईसी एक निश्चित शुल्क लेकर जो लगभग एक लाख रुपए होता था, लेकर जमीन आवंटित कर देता था। पर, वर्ष 2019 में एचईसी ने मैच के समय पार्किंग स्थल देने से मना कर दिया। पार्किंग स्थल का निर्माण करा रहे ठेकेदार को रोका। इसपर ठेकेदार ने एचईसी के अधिकारियों के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। जवाब में एचईसी ने भी प्राथमिकी दर्ज कराई। विवाद प्रशासन तक पहुंचा तो अधिकारियों की पहल से यह विवाद शांत हुआ और मैच संपन्न हुआ। इस बार भी स्थिति वैसी ही है।

एचईसी के अधिकारी बोले- पार्किंग की तो केस करेंगे

एचईसी के पर्सनल डायरेक्टर एमके सक्सेना ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि जेएससीए की ओर से पत्र भेजा गया था। उसका जवाब उन्हें भेजा गया है। जेएससीए को पार्किंग स्थल बनाने से मना किया गया है। निर्माण होता है तो विधि सम्मत कार्रवाई होगी। वहीं, जेएससीए की ओर से जय कुमार सिन्हा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि एचईसी और प्रशासन दोनों मिलकर समाधान निकाल लेंेगे, समस्या नहीं होगी।

खबरें और भी हैं...