तीसरी लहर में झारखंड के 39% लोगों को खतरा:प्रदेश की 61.2 % आबादी में ही डेवलप हो पाई कोरोना की एंटीबॉडीज, ICMR की सीरो सर्वे रिपोर्ट में हुआ खुलासा

रांची3 महीने पहले
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चौथे चरण में राज्य के तीन जिले पाकुड़, लातेहर व सिमडेगा में सिरो सर्वे किया गया था। तीनों जिलों में सामान्य आबादी की तुलना में हेल्थ वर्कर्स में ज्यादा एंटीबॉडी पाई गई है। (प्रतिकात्मक फोटो) - Dainik Bhaskar
चौथे चरण में राज्य के तीन जिले पाकुड़, लातेहर व सिमडेगा में सिरो सर्वे किया गया था। तीनों जिलों में सामान्य आबादी की तुलना में हेल्थ वर्कर्स में ज्यादा एंटीबॉडी पाई गई है। (प्रतिकात्मक फोटो)

कोरोना की दूसरी लहर से राहत मिलते अब तीसरी लहर का खतरा बढ़ गया है। झारखंड सरकार भी इसकी तैयारी में जुट गई है। इस बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की ओर से नई रिपोर्ट जारी की गई है। पिछले महीने करवाए गए सीरो सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की 32% आबादी को अभी खतरा है। मात्र 61.2% आबादी में कोविड के खिलाफ एंटीबॉडी बनी है।

वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड में तीसरी लहर का खतरा ज्यादा है। झारखंड की करीब एक तिहाई आबादी में अभी तक एंटीबॉडी नहीं बन पाई है। जबकि पड़ोसी राज्यों बिहार, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ में बिहार से ज्यादा एंटीबॉडी पाई गई है।
हेल्थवर्कर्स में मिली ज्यादा एंटीबॉडी
चौथे चरण में राज्य के तीन जिले पाकुड़, लातेहर व सिमडेगा में सिरो सर्वे किया गया था। तीनों जिलों में सामान्य आबादी की तुलना में हेल्थ वर्कर्स में ज्यादा एंटीबॉडी पाई गई है। इसमें पाकुड़ में सबसे कम एंटीबॉडी मिली। पाकुड़ में सामन्य लोगों में 44%हेल्थ वर्कर्स में 77%, लातेहार में सामान्य लोगों में 56.6% , हेल्थवर्कर्स में 83.3% जबकि सिमडेगा में सामान्य लोगों में 65.3% और हेल्थ वर्कर्स में 81% एंटीबॉडी पाई गई है।

देशभर में इन राज्याें में मिले सबसे ज्यादा एंटीबॉडी
रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 79, राजस्थान में 76.2, बिहार में 75.9, गुजरात में 75.3, छत्तीसगढ़ में 74.6, उत्तराखण्ड में 73.1, उत्तर प्रदेश में 71 और आंध्र प्रदेश में 70.2 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली है। इसी तरह कर्नाटक में 69.8, तमिलनाडु में 69.2, उड़ीसा 68.1, पंजाब 66.5, तेलंगाना 63.1, जम्मू-कश्मीर 63, हिमाचल 62, झारखण्ड में 61.2, पश्चिम बंगाल में 60.9, हरियाणा में 60.1, महाराष्ट्र में 58, असम में 50.3 और केरल में 44.4 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिले हैं।

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