झारखंड FSL में विश्लेषण की सुविधा नहीं, HC नाराज:धनबाद के जज हत्याकांड पर हो रही थी सुनवाई, CBI ने कहा- टीम रिपोर्ट नहीं ला सकी, क्योंकि यहां एनालिसिस करने की सुविधा ही नहीं

रांची5 महीने पहले
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झारखंड की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में यूरिन और बल्ड सैंपल के विश्लेषण की सुविधा नहीं है। न ही इनके पास एक्सपर्ट हैं। धनबाद के ADJ-8 उत्तम आनंद की हत्या के मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई है।

हाईकोर्ट में गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान CBI की विशेष टीम FSL की रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी। उन्होंने कोर्ट को बताया- "अभियुक्तों के यूरिन और ब्लड के सैंपल विश्लेषण के लिए पिछले सप्ताह ही FSL को भेजे गये थे। उन्हें यह कहते हुए सैंपल लौटा दिए गए कि यहां इसकी सुविधा नहीं है। इसके विशेषज्ञ भी नहीं हैं। इसलिए हमारी टीम FSLकी रिपोर्ट नहीं ला सकी।'

चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने कहा- "FSL रांची में यूरिन एनालिसिस की सुविधा तक नहीं है? यह शर्मनाक है।' साथ ही कोर्ट ने मामले में गहरी नाराजगी जताते हुए 27 अगस्त को राज्य के गृह सचिव और FSL के डायरेक्टर को हाजिर होने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 27 अगस्त को होगी।

फुटेज से प्रतीत होता है कि चालक के पास बैठे व्यक्ति ने मारा है:कोर्ट
सीबीआई की प्रगति रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि जांच में कुछ प्रगति तो हुई है, लेकिन सीबीआई को अभी भी कई बिंदुओं पर जांच करने की जरूरत है। अदालत ने कहा कि सीबीआई को ऑटो और जज से हुई टक्कर की जगह की जांच रिपोर्ट देनी चाहिए, ताकि यह पता चल पाए की जज की मौत टक्कर से हुई है या फिर किसी ने मारा है। क्योंकि फुटेज से प्रतीत होता है कि चालक के पास बैठे व्यक्ति ने मारा है और कोर्ट प्रथम दृष्टया ऐसा मान रही है।

ऑटो के साइड मिरर से नहीं हो सकता डेढ़ इंचा का घाव

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जज के सिर के दाहिने हिस्से में डेढ़ इंच का घाव का जिक्र है, जो ऑटो के साइड मिरर से नहीं हो सकता है। सीबीआई को इसपर भी जांच करनी चाहिए। अदालत ने सभी बिंदुओं पर सीबीआई को 27 अगस्त को प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही है जांच

28 जुलाई की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले धनबाद सिविल कोर्ट के जज उत्तम आनंद की संदेहास्पद परिस्थितियों में एक ऑटो ने टक्कर मार दी। इसमें उनकी मौत हो गई थी। CCTV फुटेज सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए झारखंड हाईकोर्ट को इस मामले की सख्ती से जांच करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, हाई कोर्ट इस मामले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। सरकार की अनुशंसा के बाद CBI इस मामले की जांच कर रही है।

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