बच्चे के गले से 4 सेमी की सीटी निकाली:घुटने लगा था बच्चे का दम, RIMS के सर्जन की टीम ने 4 घंटे की मेहनत के बाद बच्चे को दी नई जिंदगी

रांचीएक महीने पहले
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डॉ. हिरेंद्र बिरुआ ने बताया कि हालिया दिनों में बच्चों के श्वसन नली में पिनट्स, चना, सिटी और बटन बैटरी फसने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। - Dainik Bhaskar
डॉ. हिरेंद्र बिरुआ ने बताया कि हालिया दिनों में बच्चों के श्वसन नली में पिनट्स, चना, सिटी और बटन बैटरी फसने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

RIMS के डॉक्टर की टीम ने 13 साल के बच्चे के गले में फसे 4 सेमी की सिटी निकाली है। चाईबासा का रहने वाला दनियल सोय नमकीन के पैकेट से निकले सिटी को निगल गया था। वह उसके सांस की नली में जाकर अटक गई थी।

इसके कारण उसकी सांस फूलने लगी थी। खांसी रुक नहीं हो रही थी। वहीं बलगम के साथ खून भी आने लगा था। आनन-फानन में उसके उसे चाईबासा सदर हॉस्पिटल ले गये। जहां से उसे तत्काल रिम्स रेफर कर दिया गया। यहां इएनटी डिपार्टमेंट में प्राइमरी ट्रीटमेंट के बाद बच्चे को पीडिया सर्जरी में भेज दिया गया। यहां डॉ हिरेंद्र बिरुआ की टीम ने बिना देर किये उसका ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। लगभग 4-5 घंटे की की मेहनत के बाद सांस की नली में फंसी सीटी को ब्रोंकोस्कॉपी टेक्निक से बाहर निकाला गया। डॉ. के मुताबिक बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है।

सीटी इस तरह गले में फस गई थी कि एक्सरे में भी दिखाई नहीं दे रही थी।
सीटी इस तरह गले में फस गई थी कि एक्सरे में भी दिखाई नहीं दे रही थी।

डॉक्टरों की सलाह- जानलेवा साबित हो सकती है लापरवाही
डॉ. हिरेंद्र बिरुआ ने बताया कि हालिया दिनों में बच्चों के श्वसन नली में पिनट्स, चना, सिटी और बटन बैटरी फसने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अभिभावकों की ये लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ सकती है। बटन बैटरी इतनी खतरनाक है कि वे बच्चों की सांस नली को जला तक सकती है।