सरकार और सहायक पुलिसकर्मियों के बीच बनी सहमति:37 दिन बाद CM हाउस घेराव की तैयारी के बाद जागी सरकार, आश्वासन लेकर पहुंचे  प्रतिनिधि, 8 मांगों पर 2 महीने में लिया जाएगा एक्शन

रांची3 महीने पहले
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कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बंधु तिर्की और ग्रामीण एसपी नौशाद आलम खुद सहमति पत्र लेकर मोरहाबादी मैदान पहुंचे थे। - Dainik Bhaskar
कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बंधु तिर्की और ग्रामीण एसपी नौशाद आलम खुद सहमति पत्र लेकर मोरहाबादी मैदान पहुंचे थे।

रांची के मोरहाबादी में पिछले 37 दिनों से चल रहा सहायक पुलिसकर्मियों का आंदोलन बुधवार को समाप्त हो गया। आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मियों और सरकार के बीच सहमति बन गई। 2 महीनों में 8 मांगों पर कमेटी बनाकर एक्शन लिए जाने के बाद सहायक पुलिसकर्मी मोरहाबादी मैदान से अपने घर लौटने पर राजी हो गए।

इससे पहले मंगलवार को सहायक पुलिसकर्मियों के प्रतिनिधियों की विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी।
इससे पहले मंगलवार को सहायक पुलिसकर्मियों के प्रतिनिधियों की विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी।

सहायक पुलिसकर्मियों के प्रतिनिधि अजय मंडल ने बताया कि उनकी एक मांगों को छोड़कर अन्य मांगें मान ली गई है। सरकार की तरफ से उन्हें आश्वासन दिया गया है कि स्थायीकरण और झारखंड पुलिस में समायोजन की मांग के अतिरिक्त सारी मांगे सकारात्मक है और पहल करने योग्य है।

वार्ता के बाद लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही सहायक पुलिसकर्मियों ने अपने आंदोलन के समाप्ति की घोषणा की।
वार्ता के बाद लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही सहायक पुलिसकर्मियों ने अपने आंदोलन के समाप्ति की घोषणा की।

इस मामले में सरकार की ओर से 2 महीने का समय मांगा गया है। कहा गया कि इस दौरान एक कमेटी बनेगी जिसमें सभी मांगों को बिंदुवार ढंग से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

क्यों आंदोलन कर रहे थे सहायक पुलिसकर्मी
पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, खूंटी सिमडेगा, गिरिडीह, पश्चिमी सिंहभूम, गुमला, लोहरदगा सहित 12 जिलों के 2269 सहायक पुलिसकर्मियों की दलील है कि 2017 में जिलावार लिखित परीक्षा और फिजिकल -मेडिकल पास करने के बाद उनकी बहाली हुई थी। उस समय यह कहा गया था कि तीन साल की सेवा के बाद जिला पुलिस में बहाली होगी। सरकार बदलते ही इनका संविदा रद्द कर दिया गया। प्रदर्शन के बाद 1 साल के लिए बढ़ाया गया था। अब इनका आरोप है कि सरकार इनके साथ वादाखिलाफी कर रही।

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