7-10वीं JPSC की मुख्य परीक्षा स्थगित:झारखंड सरकार का हाईकोर्ट में जवाब- तीन सप्ताह में PT की संशोधित रिजल्ट जारी करेंगे, इसके बाद मुख्य परीक्षा

रांची4 महीने पहले
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सातवीं जेपीएससी परीक्षा में सामान्य कैटेगरी की 114 सीटें थीं। नियम के अनुसार, 15 गुना परिणाम जारी किया जाना चाहिए और सामान्य कैटेगरी में 1710 अभ्यर्थियों का चयन होना चाहिए। (प्रतिकात्मक फोटो) - Dainik Bhaskar
सातवीं जेपीएससी परीक्षा में सामान्य कैटेगरी की 114 सीटें थीं। नियम के अनुसार, 15 गुना परिणाम जारी किया जाना चाहिए और सामान्य कैटेगरी में 1710 अभ्यर्थियों का चयन होना चाहिए। (प्रतिकात्मक फोटो)

7वीं से 10वीं JPSC की तरफ से 28-30 जनवरी को आयोजित मुख्य परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। साथ ही प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट भी नए सिरे से जारी किया जाएगा। सरकार ने हाईकोर्ट में इसकी जानकारी दी है। सरकार की ओर से बताया गया है कि तीन सप्ताह में संशोधित रिजल्ट जारी करेंगे। ऐसे में JPSC मुख्य परीक्षा स्थगित की जाती है। संशोधित रिजल्ट जारी होने के बाद मुख्य परीक्षा की तिथि तय की जाएगी।

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने प्रार्थी की ओर से दायर याचिका को सही बताया। बता दें, JPSC की PT परीक्षा में आरक्षण के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस पर झारखंड जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की बेंच ने सुनवाई की।

सरकार से मांगा गया था जवाब

इससे पहले सोमवार को हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने JPSC से पूछा था कि 7वीं JPSC परीक्षा में कितने आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी में सेलेक्ट हुए हैं। परीक्षा में कैटेगरी वाइज कितनी सीटें थीं।

परीक्षा में आरक्षण दिया गया, लेकिन विज्ञापन में जिक्र नहीं

7वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण दिए जाने के खिलाफ याचिकाकर्ता संयम कुमार की तरफ से एलपीए दायर किया गया था। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि 7-10वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण दिया गया है, लेकिन विज्ञापन में इसका जिक्र नहीं किया गया।

बिना नियम के दिया आरक्षण का लाभ

चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में बहस के दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने ऐसी कोई नीति नहीं बनाई है, जिसके तहत प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण का लाभ दिया जा सकता है। इसके बावजूद प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण का लाभ दिया गया है।

1710 की जगह मात्र 768 ही सामान्य श्रेणी से पास हुए हैं

7वीं JPSC परीक्षा में सामान्य कैटेगरी की 114 सीटें थीं। नियम के अनुसार, 15 गुना परिणाम जारी किया जाना चाहिए और सामान्य कैटेगरी में 1710 अभ्यर्थियों का चयन होना चाहिए, लेकिन मात्र 768 सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों का ही चयन किया गया है। ऐसा लगता है कि JPSC की प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण दिया गया है।