शहीद कमांडेंट को दी गई श्रद्धांजलि:भाई ने कहा- दिलेर था मेरा भाई, उसकी शहादत पर मुझे गर्व है, CM ने परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी

रांची2 महीने पहले
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श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उनका पूरा परिजन जगुआर मुख्याल में मौजूद रहा। - Dainik Bhaskar
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उनका पूरा परिजन जगुआर मुख्याल में मौजूद रहा।

लातेहार में नक्सलियों के साथ मंगलवार को मुठभेड़ में शहीद हुए झारखंड जगुआर के डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार को बुधवार को झारखंड जगुआर मुख्यालय में श्रद्धांजलि दी गई। इसमें राज्य के CM हेमंत सोरेन भी शामिल हुए। साथ ही रांची के सांसद संजय सेठ व अन्य वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

श्रद्धांजलि देने के बाद CM ने शहीद कमांडेंट राजेश कुमार की पत्नी बच्चे सहित अन्य स्वजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इसके साथ ही उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह जिला मुंगेर (बिहार) के लिए रवाना कर दिया गया है।

श्रद्धांजलि देने के बाद CM ने शहीद कमांडेंट राजेश कुमार की पत्नी बच्चे सहित अन्य स्वजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।
श्रद्धांजलि देने के बाद CM ने शहीद कमांडेंट राजेश कुमार की पत्नी बच्चे सहित अन्य स्वजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।

शहीद डिप्टी कमांडेट राजेश कुमार के भाई रवि ने कहा कि उनका भाई दिलेर था, उनकी शहादत पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि नक्सली अब नक्सली नहीं रहे, वे अब बिजनेस कर रहे हैं. शहीद डिप्टी कमांडेट के भाई ने कहा की भाई की शहादत पर उन्हें गर्व है।

जवानों ने नम आंखों से दी विदाई
झारखंड जगुआर मुख्यालय में जब शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी जा रही थी, उस समय व तब वहां उपस्थित व्यक्ति की आंखें नम थीं। इसके साथ ही उपस्थित जवानों के मन में नक्सलियों के प्रति आक्रोश भी दिख रहा था, और अपने साथी की शहादत पर गर्व भी।

तीन साल पहले जगुआर में हुई थी प्रतिनियुक्ति
बिहार के मुंगेर जिले के लाल दरवाजा निवासी राजेश कुमार ने 12 नवंबर 2007 को BSF में योगदान दिए थे। उनकी पैतृक वाहिनी पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर की 84वीं बटालियन थी। वे तीन साल पहले ही झारखंड जगुआर में प्रतिनियुक्ति दी गई थी। इसके बाद वे राज्य के तमाम नक्सल प्रभावित इलाकों में होने वाले ऑपरेशन में हिस्सा लिया था।

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