पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

झारखंड को लॉक करने पर फैसला आज:स्वास्थ्य सुरक्षा का पहला सप्ताह रहा था बेअसर; दूसरे में ठीक होने वालों की संख्या तो बढ़ी लेकिन मौत की रफ्तार जारी है

रांची2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

झारखंड में चल रहे लॉकडाउन (स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह) का आज आखिरी दिन है। अधिकारियों के साथ बैठक कर CM हेमंत सोरेन निर्णय लेंगे कि झारखंड को भी बिहार व अन्य राज्यों की तरह कंप्लीट लॉकडाउन करना है या स्वास्थ्य सुरक्षा को एक सप्ताह के लिए और बढ़ाया जाएगा।

हालांकि स्वास्थ्य सुरक्षा का पहला सप्ताह (22-29 अप्रैल) जहां पूरी तरह बेअसर रहा था। वहीं दूसरा सप्ताह यह कुछ कारगर साबित होता दिख रहा है। इस दौरान जहां संक्रमण की रफ्तार में जहां सुस्ती दिखी। वहींं संक्रमण को मात देने वालों की रफ्तार में भी वृद्धि हुई है। इस दौरान डबलिंग रेट और ग्रोथ में भी मामूली अंतर देखने को मिला है।

मौत कम होने के साथ ठीक होने वालों की रफ्तार बढ़ी
दूसरे स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान (30 अप्रैल से 4 मई ) राज्य भर में 29,895 संक्रमित मरीज मिले हैं। जबकि 24737 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। वहीं इस दौरान 655 लोगों की कोरोना से मौत भी हुई। जबकि पहले सप्ताह (22-29 अप्रैल) के दौरान राज्य भर में 49,988 मरीज मिले थे। 29,112 मरीज संक्रमण से ठीक हुए थे और 931 लोगों की मौत कोरोना से हुई थी।

रिकवरी रेट बेहतर तो हुआ लेकिन राष्ट्रीय से अभी भी पिछड़ा
पिछले एक सप्ताह में झारखंड के डबलिंग रेट और रिकवरी रेट बेहतर जरूर हुआ है लेकिन यह अभी राष्ट्रीय औसत से बद्तर है। झारखंड का डबलिंग रेट 27.52 दिन से बढ़कर अब 32.22 दिन हो गया है। जबकि अभी भी डबलिंग रेट का राष्ट्रीय औसत 48.03 दिन है। वहीं रिकवरी रेट 74.31% से 75.55% हुआ है। राष्ट्रीय रिकवरी रेट 81.90% है।

पिछले 24 घंटे में 5974 मरीज मिले
पिछले 24 घंटे में झारखंड में 5974 संक्रमित मरीज मिले हैं। 132 लोगों की मौत 24 घंटे में हो चुकी है। इसी दौरान रांची में 1165 संक्रमित हुए और 33 की मौत हुई।

खबरें और भी हैं...