झारखंड में दूर होगी पारा शिक्षकों की समस्या!:बिहार की तर्ज पर झारखंड में पारा शिक्षकों के लिए बन सकती है है नियमावली, शिक्षा मंत्री ने पारा शिक्षकों के साथ की बैठक

रांची2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
राज्य में पारा शिक्षकों की कुल संख्या 65 हजार है। पिछले साल मंत्री के बीमार पड़ने के बाद पारा शिक्षकों के संबध में कोई निर्णय नहीं लिया गया था। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
राज्य में पारा शिक्षकों की कुल संख्या 65 हजार है। पिछले साल मंत्री के बीमार पड़ने के बाद पारा शिक्षकों के संबध में कोई निर्णय नहीं लिया गया था। (फाइल फोटो)

शिक्षा विभाग का दोबारा प्रभार संभालते ही मंत्री जगरनाथ महतो पारा शिक्षकों की समस्याओं को दूर करने में जुट गए हैं। पहली बैठक में जहां उन्होंने पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष की समस्याओं का निदान किया तो अब नियमावली से जुड़ी त्रुटियों को दूर करने में जुट गए हैं।

शनिवार को शिक्षा मंत्री ने पारा शिक्षकों के साथ बैठक की। बैठक के बाद शिक्षकों व पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया के आधार पर ऐसा माना जा रहा है कि झारखंड में भी बिहार में बनी पारा शिक्षक नियमावली के तर्ज पर निर्णय लिया जायेगा। हालांकि इस मसले पर एक और बैठक 10 अगस्त को होगी। इसमें वेतनमान निर्धारण को लेकर विचार किया जायेगा। आज की बैठक में प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ शैलेश चौरसिया और पारा शिक्षक के 8 प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

बिहार की नियमावली का अध्ययन करेंगे
जगरनाथ महतो ने बताया कि बिहार से नियामवली मंगा कर इसका अध्ययन भी किया जायेगा। 18 अगस्त को फिर से मामले में बैठक बुलायी गयी है। जिसमें शिक्षा मंत्री, विभागीय अधिकारी और पारा शिक्षक प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। इस बैठक में बिहार के तर्ज पर बनी नियामवली पर चर्चा की जाएगी।

65 हजार पारा शिक्षक हैं कार्यरत
राज्य में पारा शिक्षकों की कुल संख्या 65 हजार है। पिछले साल मंत्री के बीमार पड़ने के बाद पारा शिक्षकों के संबध में कोई निर्णय नहीं लिया गया था। मामला लंबे समय तक लंबित रहा। मंत्री के राज्य लौटने के बाद पारा शिक्षकों के साथ ये पहली बैठक की गई। पिछले तीन साल से पारा शिक्षकों ने स्थायीकरण और वेतनमान को लेकर समय-समय पर आंदोलन कर रहे थे।

खबरें और भी हैं...