जेल की बाध्यता को हटाए सरकार:झारखंड आंदोलनकारी की चेतावनी- जब तक समान पहचान और समान पेंशन नहीं मिल जाता, चैन से रहने नहीं देंगे

रांची8 महीने पहले
आंदोलनकारी CM हाउस घेराव की मांग पर अड़े थे। बाद में DC को ज्ञापन सौंप लौट गए।

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने शनिवार को मोरहाबादी में प्रदर्शन किया। इस दौरान हर जिले से आंदोलनकारी मोरहाबादी मैदान पहुंचे। इसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल थीं। इनका CM आवास घेराव का कार्यक्रय था, लेकिन इन्हें पुलिस मोरहाबादी मैदान में ही रोक दी।

आंदोलन में शामिल झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के वित्त अध्यक्ष आजम अहमद ने दैनिक भास्कर को बताया कि जब यहां आतंकवादियों और अपराधियों को 25 लाख दिया जा रहा है तो आंदोलनकारियों को 3 हजार किस तरह दिया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग कर मोरहाबादी में ही रोक दिया गया था।
प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग कर मोरहाबादी में ही रोक दिया गया था।

उन्होंने कहा कि ये गैर जिम्मेदाराना पेंशन है इसे हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक समान पहचान और समान पेंशन नहीं मिल जाता सरकार को चैन से रहने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को मान-सम्मान और पेंशन मिलना चाहिए।

DC को ज्ञापन सौंप लौटे प्रदर्शनकारी
2 घंटे के प्रदर्शन के बाद झारखंड आंदोलनकारी DC छवि रंजन को ज्ञापन सौंप कर लौट गए। इस दौरान आंदोलनकारी पारंपरिक हथियार के साथ जय झारखंड...., हमारी मांगे पूरी करो..., झारखड आंदोलनकारियों को मान सम्मान देना होगा... आदि नारे लगा रहे थे।

जानिए... सरकार की तरफ से क्या की गई है घोषणा
सरकार की तरफ से पुलिस फायरिंग में मृत, जेल में मृत, जेल में संयमन होने वाले झारखंड आंदोलनकारियों को अलग-अलग लाभ देने की घोषणा की गई है। इसके तहत तीन महीने से कम जेल में रहने वाले को 3500, 3-6 महीने रहने वाले को 5 हजार, और 6 महीने से अधिक जेल में रहने वाले को 7 हजार रुपए प्रति माह पेशं दिया जाएगा। इसके अलावा इनके एक सदस्यों को तृतीय व चतुर्थ वर्गीय पदों में सरकार सीधी नियुक्ति भी दे रही है।