मंडे पॉजिटिव / झारखंड का कटहल जाएगा लंदन, भिंडी दुबई... किसानों की आय तिगुनी होगी

Jharkhand's jackfruit will be London, Bhindi Dubai ... Farmers' income will be three times
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Jharkhand's jackfruit will be London, Bhindi Dubai ... Farmers' income will be three times

  • लाॅकडाउन में नुकसान की होगी भरपाई, हरी सब्जियों के विदेशों में निर्यात की तैयारी
  • 2-3 माह का लगेगा समय, शुरुआत रांची व आसपास से होगी
  • झारखंड के लिए गर्व की बात... हमारे राज्य की सब्जियों की तारीफ एपेडा ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में की

दैनिक भास्कर

Jun 01, 2020, 06:58 AM IST

रांची. लॉकडाउन की वजह से नुकसान उठाने वाले सब्जी उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है। मात्र दो-तीन महीने में ही झारखंड में उपजी सब्जियां कटहल, भिंडी, करैला, गोभी, कद्दू आदि की सिंगापुर, कतर, सउदी अरब, लंदन सहित कई यूरोपीय देशों में निर्यात करने की तैयारी है। इससे यहां के सब्जी उत्पादक किसानों की आय 3 गुणा तक बढ़ जाएगी। पिछले साल अपने राज्य से भिंडी, बीन्स थोड़ी मात्रा में दुबई व कतर में निर्यात की गई है। गुणवत्ता की वजह से यहां के सब्जियों की मांग ज्यादा है। यहां की सब्जियों की तारीफ कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादन निर्यात विकास प्राधिकरण (एपेडा) की वार्षिक रिपोर्ट में भी की गई है। इसे देखते हुए कृषि बाजार समिति ने पूरी तैयारी कर ली है। वहीं सब्जियों को दूसरे देशों में भेजने के लिए भारत सरकार के वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्राधिकरण एपेडा ने भी झारखंड सरकार की मदद से प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए एक्सपोर्टर कंपनी ऑल सीजन फॉर्म फ्रेश का सहयोग लिया जा रहा है। कृषि बाजार समिति के पणन सचिव अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड में सब्जियों को उगाने का ईको सिस्टम अच्छा होने और फर्टिलाइजर का उपयोग नहीं किए जाने से ये  उच्च गुणवत्ता की होती हैं। शुरुआत में रांची व आसपास के क्षेत्रों की सब्जियां एक्सपोर्ट की जाएंगी।

अपने प्रदेश में उपजी सब्जियां सभी मानकों में खरी उतरीं 
ऑल सीजन फाॅर्म फ्रेश के प्रोपराइटर अब्दुल हामिद खान ने बताया कि कोलकाता के प्लांट क्वारेंटाइल ऑफिस में झारखंड की सब्जियां सभी मानकों में पास हुई हैं। इस ऑफिस से पास होने के बाद सब्जियों का निर्यात दूसरे देशों में कार्गो से किया जाता है। पिछले साल सिंहभूम से दुबई सब्जियों का निर्यात किया गया था। दुबई में भी सब्जियां सभी मानकों में बेस्ट थीं। 
एपेडा की रिपोर्ट में पहली बार हुआ झारखंड का जिक्र
एपेडा की वार्षिक रिपोर्ट में सब्जियों को उगाने के लिए झारखंड की तारीफ की गई है। झारखंड को 2018-19 की रिपोर्ट में पहली बार शामिल किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 की शुरुआत में सिंहभूम से सब्जियों का निर्यात दुबई किया गया था। दुबई में इन्हें काफी पसंद किया गया। धीरे-धीरे राज्य की सब्जियों का निर्यात तेज होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि झारखंड विपरीत परिस्थितियों में भी बेहतर सब्जियों का उत्पादन करता है। 
कटहल 2100 टन व गोभी 1800 टन पिछले वर्ष दूसरे राज्य भेजे गए

पिछले वर्ष प. बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, मुंबई, ओड़िशा, हैदराबाद, छत्तीसगढ़ व बिहार में फ्रेंच बीन 1250 टन, मटर छीमी 1200 टन, फूलगोभी 1800 टन, बंधागोभी 480 टन, शिमला मिर्च 800 टन, हरी मिर्च 600 टन, बैंगन 500 टन, कटहल 2100 टन, कद्दू 1080 टन, खीरा 600 टन व मूली 500 टन के अलावा टमाटर व अन्य सब्जियां भी भेजी गईं। 
40 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष उत्पादन
1. झारखंड के ड्रम स्टिक (सुटी) और कटहल पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली में काफी पसंद किया जाता है। इन राज्यों में भारी मात्रा में ये दोनों सब्जियां भेजी जाती हैं।
2. झारखंड राज्य में विभिन्न सब्जियों का करीब 40 लाख मीट्रिक टन उत्पादन प्रति वर्ष होता है। झारखंड में सब्जियों की उत्पादकता 14.8 एमटी पर हेक्टेयर है। 
3. राज्य में आलू, मटर, टमाटर, बैंगन, गोभी, बीन्स, भिंडी, कद्दू, करैला, ब्रोकली, हरी मिर्च, कटहल, ड्रम स्टिक, नेनुआ सहित अन्य सब्जियों का भरपूर उत्पादन होता है। 

झारखंड सरकार यहां के किसानों की आय बढ़ाने में जोर-शोर से लगी है। इसलिए हम जल्द से जल्द सब्जियों को दूसरे देशों में निर्यात करने जा रहे हैं। जब पूरी तरह से सब्जियां निर्यात होने लगेंगी तो यहां के किसानों की आय तिगुनी हो जाएगी। 2-3 माह में तैयारी पूरी हो जाएगी।  
अभिषेक आनंद, पणन सचिव, कृषि बाजार समिति, झारखंड

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