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7वीं से 10वीं पीटी परीक्षा:जेपीएससी,आरक्षितों का कटऑफ जेनरल जितना आने पर भी सामान्य कैटेगरी की बजाय आरक्षित वर्ग में रखा

रांची2 महीने पहले
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राजभवन के समक्ष जेपीएससी पीटी के अभ्यर्थियों के साथ धरना स्थल पर बैठे पद्मश्री मुकुंद नायक। अभ्यर्थियों ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन। - Dainik Bhaskar
राजभवन के समक्ष जेपीएससी पीटी के अभ्यर्थियों के साथ धरना स्थल पर बैठे पद्मश्री मुकुंद नायक। अभ्यर्थियों ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन।
  • पीड़ित अभ्यर्थियों ने राज्यपाल से परीक्षा रद्द करने की लगाई गुहार
  • पद्मश्री मुकुंद नायक ने अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की दी सीख

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएसएसी) द्वारा एक नवंबर को 7वीं राज्य सिविल सेवा परीक्षा के नतीजे घोषित किए गए थे। इसके साथ ही परीक्षा रद्द करने के लिए शुरू हुआ विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 37 दिनों से अभ्यर्थी विभिन्न तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोग के अध्यक्ष द्वारा आपत्तियों पर दिए गए जवाब को अभ्यर्थियों ने सिरे से खारिज कर दिया है।

कहा कि विज्ञापन की कंडिका- 10(2) में स्पष्ट कहा गया है कि प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट कुल रिक्तियों का लगभग 15 गुणा प्रकाशित किया जाएगा, जिसके लिए सिंगल कटऑफ होगा। रिजल्ट में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी पर्याप्त संख्या में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो उनका कटऑफ तब तक नीचे किया जाएगा, जब तक आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी पर्याप्त संख्या में शामिल न हो जाएं। लेकिन, आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट का प्रकाशन कुल रिक्तियों का 15 गुणा न कर कोटिवार रिक्तियों का 15 गुणा कर दिया है, जो विज्ञापन की अनदेखी है।

मंगलवार को अभ्यर्थियों ने राजभवन के समक्ष धरना देकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें परीक्षा रद्द करने के लिए गुहार लगाई है। छात्र नेता मनोज यादव और देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। इसे रद्द करना ही एक मात्र विकल्प है।

21 साल में 6 परीक्षाएं ही

राज्य गठन के बाद अब तक राज्य में सिर्फ छह सिविल सेवा परीक्षाएं आयोजित की गई है। अधिकांश परीक्षाएं विवादित रही है। प्रथम और द्वितीय जेपीएससी नियुक्ति परीक्षा की जांच सीबीआई कर रही है। छठी जेपीएससी का मामला न्यायालय में है। कई परीक्षाओं में आरक्षण की अनदेखी करने का भी आरोप लग चुका है।

अभ्यर्थियों ने दिया रिजल्ट रद्द करने का तर्क, कट ऑफ 220, एससी अभ्यर्थी (रोल नंबर- 52039) का अंक 226 अंक, फिर भी फेल

  • 1. आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पीटी का प्रोविजनल रिजल्ट जारी होता है क्या? क्योंकि आयोग ने जवाब में कहा है कि प्रोविजनल रिजल्ट है।
  • 2. लोहरदगा के जिस सेंटर से कई अभ्यर्थी सीरियल नंबर से लगातार पास कर गए हैं, उसमें न तो सीसीटीवी और न ही वीडियोग्राफी कराई गई थी।
  • 3. आदिम जनजाति कोटि का अभ्यर्थी, जिसका रोल नंबर- 52039... है, उसे 226 अंक प्राप्त हुए हैं। इसके बाद भी यह अभ्यर्थी फेल है। कटऑफ 220 है।
  • 4. आयोग के अध्यक्ष ने लिखित जवाब में कहा है कि वृहद पैमाने पर परीक्षा करवाने के कारण ऐसी गड़बड़ियां हुईं, अभ्यर्थियों को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता।
  • 5. बीसी-2 कोटि के एक अभ्यर्थी का क्रमांक - 52236.... है और 230 अंक लाकर पास है। जबकि बीसी-2 का कटऑफ मार्क्स 252 अंक है।
  • 6. सामान्य वर्ग का अभ्यर्थी, रोल नंबर- 52095... है, उसे 266 अंक प्राप्त हुए है और यह अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट में फेल है। कटऑफ 260 है।
  • 7. रिजल्ट के बाद ओएमआर वेबसाइट पर अपलोड करने की बात परीक्षा नियम 2021 के कंडिका-30 में है। लेकिन आज तक आयोग द्वारा ओएमआर अपलोड नहीं किया गया।​​​​​​​
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