कैबिनेट का फैसला:दो साल के भीतर बन जाएगा कांटाटोली फ्लाईओवर, सुकुरहुटू में ट्रांसपोर्ट नगर

रांची2 महीने पहले
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  • राजधानी रांची की ट्रैफिक व्यवस्था को बदलनेवाले दो बड़े फैसले
  • फ्लाईओवर के लिए 225 कराेड़ और ट्रांसपाेर्ट नगर बनाने के लिए 113 कराेड़ रुपए की स्वीकृति

रांची में कांटाटाेली फ्लाईओवर और ट्रांसपाेर्ट नगर का रास्ता साफ हाे गया है। मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन की अध्यक्षता में मंगलवार काे कैबिनेट की बैठक ने इन प्रस्तावाें काे मंजूरी दे दी। यह फ्लाईअओवर अब 900 मीटर की जगह 2240 मीटर लंबा हाेगा। यह योगदा सत्संग तक बनेगा। इस पर करीब 225 कराेड़ रुपए की लागत आएगी। यह 24 महीने में तैयार हाेगा। कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने बताया कि फ्लाईओवर के लिए 225 कराेड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। वहीं रांची के सुकुरहुटू में 440.68 एकड़ में ट्रांसपाेर्ट नगर के लिए भी 113.24 कराेड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

गाैरतलब है कि 2017 में 42 कराेड़ की लागत से 900 मीटर लंबा फ्लाईअओवर बनना शुरू हुआ था, पर करीब 20 कराेड़ खर्च हाेने पर भी सिर्फ एक अधूरा पिलर ही बन पाया। इसके बाद लंबाई बढ़ाकर 1260 मीटर की गई और लागत 84 कराेड़ हाे गई, पर स्वीकृति नहीं मिली। अब लंबाई 2224 मीटर हो गई और लागत 225 करोड़ रुपए हो गई। यानी इसकी लंबाई करीब ढाई गुना बढ़ी ताे लागत करीब साढ़े पांच गुना बढ़ गई।

अब योगदा सत्संग आश्रम तक बनेगा फ्लाईओवर

  • 2240 मीटर लंबा होगा कांटाटाेली फ्लाईओवर। पहले 900 मीटर बनना था।
  • कोकर के गढ़ा टोली से योगदा सत्संग आश्रम तक बनाने की मंजूरी दी।
  • एक एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण, जिला प्रशासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव।
  • फ्लाईओवर बनने के बाद जाम जैसी स्थिति से रांची को मिलेगी निजात।
  • 424 गाडि़यों के लिए 40.68 एकड़ जमीन पर बनेगा ट्रांसपोर्ट नगर
  • 424 बड़ी गाड़ियां खड़ी करने की व्यवस्था होगी, एक इंटीग्रेटेड बिल्डिंग और 16 अॉफिस बनाए जाएंगे।
  • 6176 और 3400 वर्गमीटर के दो वेयरहाउस बनेंगे, दो धर्मकांटा भी।
  • रिंग रोड से जोड़ने वाली फोर लेन सड़क बनेगी, 1100 वर्गमीटर में फ्यूल स्टेशन भी बनाया जाएगा। पुलिस चेकपोस्ट और सर्विस सेंटर भी बनेगा।

विशेषज्ञ के हवाले से समझें...इन 2 फैसलाें से कैसे स्मूथ हाेगी ट्रैफिक

  • कांटाटाेली फ्लाईओवर बनने से क्या फायदा होगा?
  • नामकुम से बूटी माेड़ और डंगरा टाेली चाैक की ओर आने वाली गाड़ियां काेकर-बहु बाजार के बीच जाम में फंस जाती हैं। फ्लाईओवर बनने से वे ऊपर से ही निकल जाएंगी। जाम नहीं लगेगा।
  • लंबाई बढ़ाने से क्या हाेगा?
  • बहु बाजार में अक्सर जाम रहता है। इससे मुक्ति मिलेगी। क्लब राेड और स्टेशन राेड से आने वाली गाड़ियां सीधे काेकर राेड में चली जाएंगी।
  • पूरे शहर पर असर पड़ेगा?
  • कांटाटाेली के जाम से बचने के लिए काेकर से नेपाल हाउस-डाेरंडा जाने वाले लाेग एमजी राेड से जाते हैं। इससे एचबी राेड, लालपुर और एमजी राेड पर ट्रैफिक लाेड बढ़ जाता है। फ्लाईओवर बनने से शहर के अंदर का भी ट्रैफिक लाेड कम हाेगा। एक फ्लाईअओवर सिरमटाेली चाैक से राजेंद्र चाैक तक भी बनना है। इसके बनने पर सुजाता चाैक भी जाम मुक्त हाे जाएगा।
  • ट्रांसपाेर्ट नगर बनने से ट्रैफिक में क्या बदलाव दिखेगा?
  • माल लेकर राेज करीब 300 ट्रक शहर में आता है। लाेडिंग-अनलाेडिंग शहर के अंदर हाेता है। इससे जाम लगता है। रिंग राेड के बाहर ट्रांसपाेर्ट नगर बनने से ट्रक शहर में नहीं घुसेगा। इससे ट्रैफिक लाेड कम हाेगा।
  • और क्या फायदे हाेंगे?
  • सुकुरहुटू सहित रिंग राेड में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। राेजगार का सृजन हाेगा। शहर में माल लाने-ले जाने के लिए छाेटे वाहनाें का इस्तेमाल हाेगा। इससे बड़ी संख्या में लाेगाें काे राेजगार मिलेगा।
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