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जन औषधि का टेंडर फाइनल:रिम्स में लगेगी जेनरिक दवाओं की लिस्ट, इसी आधार पर डॉक्टर्स लिखेंगे, ताकि मरीजों को यहां-वहां दवा के लिए भटकना न पड़े

रांचीएक महीने पहले
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  • तैयारी, जो दवा जन औषधि केंद्र में नहीं मिलेगी, उन्हीं की ब्रांड दवा लिखी जाएगी
  • चार से पांच दिन में नई एजेंसी रिम्स की जन औषधि केंद्र का टेकओवर करेगी

रिम्स अब जेनरिक मेडिसिन को बढ़ावा देगा। जन औषधि का टेंडर फाइनल हो चुका है। यहां सभी तरह की जेनरिक दवा रखने का आदेश संचालक को दिया गया है, ताकि मरीजों को यहां-वहां दवा के लिए भटकना न पड़े। चार से पांच दिन में नई एजेंसी जन औषधि केंद्र को टेकओवर कर लेगी, जिसके बाद यहां 1000 से ज्यादा तरह के स्टॉक अपडेट किए जाएंगे।

रिम्स प्रबंधन ने जेनरिक दवा को बढ़ावा देने और गरीबों की जेब को देखते हुए सभी ओपीडी और वार्डों में जन औषधि केंद्र में उपलब्ध दवाओं की डेली रिपोर्ट चिपकाने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के अनुसार ही चिकित्सक को भी दवा लिखनी होगी। डॉक्टर्स उन्हीं ब्रांड दवाओं काे लिख सकेंगे, जो जन औषधि में उपलब्ध नहीं होगी। बताते चलें कि रिम्स में यह व्यवस्था लागू हो जाने से इसका फायदा गरीब व असहाय रोगियाें को मिलेगा। पैसे के अभाव में भी मरीज के परिजन चिकित्सकों द्वारा लिखी दवाईयां खरीदने को बाध्य होते हैं। इससे छुटकारा मिल सकेगी।

अब चलेगा नो एमआर अभियान

शनिवार को प्रबंधन ने दवा कंपनी के प्रतिनिधियों और प्राइवेट लैब के प्रतिनिधियों को खदेड़ा था, अभियान फिर से चलेगा

जन औषधि केंद्र के संचालक बोले- सभी डॉक्टर्स से जेनरिक दवा की सूची जुटाएंगे

बिंदिया मेडिको के संचालक अरुण कुमार ने कहा कि वर्तमान में जन औषधि केंद्र के नहीं चलने के पीछे मेडिसिन की उनुपलब्धता बड़ा कारण है। इसे संचालन शुरू करते ही दूर किया जाएगा। अस्पताल के डॉक्टर्स 90% मरीजों की पर्ची में ब्रांडेड मेडिसिन लिखते हैं। अब जन औषधि केंद्र सभी डॉक्टरों से उनके पसंद की या अधिक लिखने वाली दवाओं की सूची इकट्ठा करेगी, जिसके बाद उन्हीं ब्रांड मेडिसिन की जेनरिक दवा उसी कंपोजिशन की दुकान में स्टॉक करेंगे।

एमआर की नो इंट्री पर विचार

रिम्स ओपीडी और इंडोर में दिन भर दवा कंपनी के प्रतिनिधियों (एमआर) का जमावड़ा लगा रहता है। चिकित्सकोें को कमीशन का प्रलोभन देकर ब्रांडेड मेडिसिन लिखने का दबाव बनाते हैं। समय निर्धारित होने के बाद भी पहली पाली से ही इनका कब्जा शुरू हो जाता है। शनिवार को रिम्स प्रबंधन के निर्देश पर नो एमआर अभियान चलाया गया था। अगर, इनकी नो इंट्री पर कड़ाई की जाए तो चिकित्सक जेनरिक दवा लिखना शुरू कर सकेंगे।

मुहल्लों में बेहतर इलाज की सुविधा देने की तैयारी, 17 को अटल क्लीनिक के लिए डॉक्टर्स का इंटरव्यू

दूसरी ओर, रघुवर दास के कार्यकाल के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी समेत राज्य के अन्य जिलों में अटल मोहल्ला क्लीनिक की शुरुआत की थी। जबकि, क्लिनिक शुरू होने के बाद भी लोगों काे इसका लाभ नहीं मिल रहा था। अब इसे पुन: बेहतर ढंग से चलाने की तैयारी चल रही है।

सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार द्वारा इसके लिए चार चिकित्सकों की नियुक्ति का विज्ञापन निकाला है। 17 दिसंबर को इसके लिए वॉक इन इंटरव्यू रखा गया है। राजधानी में 12 अटल मोहल्ला क्लिनिक का संचालन दो पाली सुबह 8 से 10 और शाम 6 से 8 बजे तक किया जाना है। लेकिन, चिकित्सकों की कमी के कारण संचालन सही से नहीं हो पा रहा। मरीजों के इलाज के लिए यहां एक डॉक्टर के अलावा एएनएम, जीएनएम और नर्स की ड्यूटी लगाई गई है। रेफर करने की भी सुविधा है।​​​​​​​

इन बीमारियों का होगा इलाज

अटल मोहल्ला क्लीनिक में बाह्यरोगी विभाग, टीकाकरण सेवाएं, प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल और परिवार नियोजन की सेवाओं सहित कई अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। टीबी, मलेरिया की पहचान के लिए बलगम और रक्त नमूना संग्रह, तेजी से फैलने वाली सामान्य बीमारियों के उपचार की भी सुविधा यहां होगी।​​​​​​​

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