रांची में चल रही थी मिनी गन फैक्ट्री:मरम्मति के साथ नए हथियार का भी होता था निर्माण, दो आरोपी गिरफ्तार; कहा- खुद तैयार कर बाजार में करते थे सप्लाई

रांची7 दिन पहले
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आरोपी जुगल औ रफारूख हथियार बनाने के एक्सपर्ट है। दोनों मिलकर खुद ही अवैध हथियार का निर्माण करते हैं। इसके लिए जुगल व फारूख ने अपने घर पर हथियार निर्माण की सामग्री भी रखी है। - Dainik Bhaskar
आरोपी जुगल औ रफारूख हथियार बनाने के एक्सपर्ट है। दोनों मिलकर खुद ही अवैध हथियार का निर्माण करते हैं। इसके लिए जुगल व फारूख ने अपने घर पर हथियार निर्माण की सामग्री भी रखी है।

रांची में मिनी गन फैक्ट्री चल रही थी। रांची पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर इसका उद्भेजन किया है। इस दौरान पुलिस ने आरोपी फारुख अंसारी और जुगल लोहरा को भी गिरफ्तार किया है। साथ ही छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से एक अर्ध निर्मित सिंगल बैरल की पिस्टल, लकड़ी की बंदूक का ढांचा, भट्टी को गर्म करने वाली मशीन के अलावा देसी पिस्टल व दो गोली बरामद की है।

आरोपी जुगल औ रफारूख हथियार बनाने के एक्सपर्ट है। दोनों मिलकर खुद ही अवैध हथियार का निर्माण करते हैं। इसके लिए जुगल व फारूख ने अपने घर पर हथियार निर्माण की सामग्री भी रखी है। पूछताछ में आरोपी जुगल ने पुलिस को बताया कि वह फारूख के साथ मिलकर नए हथियार का निर्माण के अलावा पुराने की मरम्मत आदि कार्य करता है। इसके बाद उन हथियारों को दोनों मिलकर बाजार में बेचते हैं।

ग्रामीणों की मदद से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर इसका खुलासा किया है। ग्रामीण पुलिस को लगातार इस बात की शिकायत कर रहे थे कि़पिठोरिया के सांगा गांव में कुछ अवैध धंधा चल रहा है। कुछ संदिग्ध लोगों का अक्सर उस घर में आना-जाना लगा रहता है। इससे ग्रामीणों के बीच भय का महौल रहता था। इसके बाद परी प्लानिंग के साथ पुलिस ने घटना को अंजाम दिया।

पुलिस खरीदार बनकर रंगे हाथ दबोची
आरोपी फारुख को पकड़ने के लिए पहले पुलिस ने जुगल लोहरा से उसे फोन करवाया। कहा कि हथियार खरीदने के लिए पार्टी आयी है। करकट्टा के समीप जंगल में जुगल में उसे बुलाया गया। इसके बाद पुलिस की टीम सादे लिबास में जंगल में छिप गई। जंगल में मौजूद आरोपी जुगल के पास जैसे ही फारूख पहुंचा, पुलिस की टीम ने उसे चारों ओर से घेर लिया। पुलिस की टीम ने फारूख को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक देसी पिस्टल, दो गोली के अलावा अन्य हाथियार भी बरामद हुए।

खौफ इतना कि गवाह बनने को नहीं तैयार हुए ग्रामीण
आरोपी जुगल लोहरा और फारूख अंसारी का खौफ इतना है कि दोनों के खिलाफ गवाही देने के लिए गांव में कोई तैयार नहीं हुए हैं। पुलिस ने जब आरोपी जुगल के घर पर छापेमारी कर हथियार जब्त किया, तब पुलिस ने आसपास में मौजूद लोगों को गवाही देने के लिए बुलाया। लेकिन कोई भी ग्रामीण गवाही देने को तैयार नहीं हुए। इस वजह से छापेमारी टीम में शामिल जमादार पारस मणि और हवलदार प्रमोद तिवारी को पुलिस ने गवाह बनाया गया है।