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त्योहार का सीजन, राज्य में बिजली संकट:बारिश से खदानों में पानी भरा तो खनन रुका, काेयला महंगा होने पर महंगी बिजली खरीदने की जगह निगम ने शुरू कर दी कटौती

रांची20 दिन पहलेलेखक: पंकज त्रिपाठी
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बारिश के कारण कोयला खदानों में पानी भरने से खनन प्रभावित हुआ। इससे पूरे देश में बिजली उत्पादन घट गया। काेयला महंगा हुआ ताे बिजली भी महंगी हाे गई है। इसका असर झारखंड पर भी दिखने लगा है। त्योहार के सीजन में यहां भी बिजली संकट पैदा होने लगा है। गुरुवार काे शाम पांच बजे तक राज्य में बिजली की मांग 1477 मेगावाट थी, जबकि उपलब्धता सिर्फ 1153 मेगावाट थी।

यानी 324 मेगावाट कम बिजली मिली। रात में ताे मांग बढ़कर 1700 मेगावाट तक पहुंच गई। दरअसल बिजली की कमी हाेने पर ऊर्जा निगम केंद्रीय एक्सचेंज से बिजली खरीदता है। लेकिन पिछले तीन दिनाें से चार से पांच रुपए प्रति यूनिट मिलने वाली बिजली पीक ऑवर में करीब 20 रुपए प्रति यूनिट तक में मिल रही है। इसलिए महंगी बिजली खरीदने की जगह ऊर्जा निगम ने बिजली कटौती शुरू कर दी है। क्याेंकि महंगी बिजली खरीदने पर ऊर्जा निगम काे राेजाना करीब एक कराेड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करना हाेगा।

कोयले की कमी से देश भर में गहराया संकट
झारखंड सहित पूरे देश में हाल में लगातार कई दिनों तक बारिश हुई। इससे कोयले का खनन रुक गया और कोयले की कमी होने लगी। इसका सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ा। झारखंड में सरकार के पास दाे ही पावर प्लांट हैं। टीवीएनएल में एक साल से एक यूनिट ही चल रही है, जिससे 154 मेगावाट बिजली का उत्पादन हाेता है। वहीं सिकिदरी हाइडल पावर प्लांट से 109 मेगावाट मिलती है। ऐसे में राज्य केंद्रीय काेटे से या निजी कंपनियाें से खरीदकर बिजली की आपूर्ति करती है। अधिकारियाें का उम्मीद है कि बारिश खत्म हाेने से स्थिति में खुद सुधार आ जाएगा।

रांची में 40 मेगावाट कम, दाे घंटे की कटाैती
बिजली के कारण गुरुवार काे राजधानी में भी 40 मेगावाट बिजली की कटाैती की गई। जिले में 280 मेगावाट बिजली की जरूरत थी, मगर मिली 240 मेगावाट ही। इस कारण 24 घंटे में दाे घंटे तक बिजली गुल रही। दूसरे जिलाें में भी यही हाल रहा। रांची के महाप्रबंधक प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हमलाेगाें ने कुछ फीडराें में थाेड़ी-थाेड़ी देर के लिए कटाैती की है। एक साथ आधे घंटे से ज्यादा देर तक बिजली गुल नहीं हुई। लाेगाें काे परेशानी न हाे, इसका ख्याल रखा जा रहा है।

ऊर्जा सचिव बाेले-थाेड़ी कटाैती हुई : ऊर्जा सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि काेयले की कमी से पूरे देश में बिजली संकट पैदा हाे गया है। बिजली महंगी भी हाे गई है। झारखंड में गुरुवार काे बिजली की कमी हाेने से थाेड़ी देर कटाैती की गई है। पूजा के दाैरान लाेगाें काे निर्बाध बिजली मिले, इसका प्रयास चल रहा है। कमी हाेने पर केंद्रीय इकाइयाें से अधिक बिजली खरीदेंगे।

सीसीएल सीएमडी ने कहा-सुधर रहे हालात : सीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद ने कहा कि देश के अधिकतर पावर प्लांट काे काेयले की आपूर्ति झारखंड करता है। अभी पावर प्लांटाें में तीन-चार दिन का स्टाॅक है। लगातार बारिश से काेयला खनन में कमी आई थी, लेकिन अब पहले से सुधार है। काेयले के कारण पावर प्लांट बंद नहीं हाेने देंगे।

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