राजस्व और रोजगार सृजन पर कोविड-19 के प्रभाव पर चर्चा:मिश्रा बोले - व्यवसाय को बेहतर बनाना है तो उपभोक्ता को समझना होगा

रांची2 महीने पहले
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यदि व्यापारी तेजी और लाभप्रद रूप से व्यवसाय को चलाना चाहते हैं तो उन्हें यह समझने की जरूरत है कि उपभोक्ता क्या चाहता है। हमें मानकों को निर्धारित करने की जरूरत है। काम के पैटर्न में स्मार्टनेस को स्पष्ट रूप से पेश करना होगा। भारत के लिए साझेदारी के संस्थापक बेजोन मिश्रा ने एसोचैम झारखंड इकाई द्वारा झारखंड पर नॉलेज मैनेजमेंट वर्चुअल मीट में यह विचार व्यक्त किए।

वर्चुअल माध्यम से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस राजस्व और रोजगार सृजन पर कोविड-19 परिदृश्य के प्रभाव पर चर्चा हुई। शेयरखान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. अभिजीत सरकार ने कहा कि जनसांख्यिकी की कोई सीमा नहीं है। ज्यादातर रिक्रूटर टैलेंट को देखकर हायर करते हैं। आदित्य बिड़ला समूह के उपाध्यक्ष परियोजना प्रमुख शिव शंकर महतो ने कहा कि वन, पर्यावरण और भूमि किसी भी व्यवसाय के लिए तीन बड़े मुद्दे हैं।

आप बिजनेस चला रहे हैं या बिजनेस चलाना चाहते हैं तो इन तीन चीजों से समझौता नहीं कर सकते। विशेष रूप से खनन उद्योग वन, पर्यावरण और भूमि में तीन महत्वपूर्ण कारक हैं। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के महाप्रबंधक सुयश शुक्ला ने कहा कि नीति वकालत अब दिन में जरूरी है। कोई भी व्यवसाय तब सबसे अच्छा काम करेगा जब कम कागजी कार्रवाई होगी।

एडवांटेज के निदेशक अभिषेक पंडित ने कहा कि अब कंपनियां कम लागत और नई तकनीक के अनुकूल होने के कारण नई प्रतिभाएं चाहती हैं। स्पिकटेल टेक्नोलॉजीज प्रालि की सीईओ पूजा जायसवाल ने बताया कि टेक प्लेटफॉर्म पर सब कुछ एनडब्ल्यू है। वेबिनार में एसोचैम के क्षेत्रीय निदेशक भरत जायसवाल ने सत्र का परिचय कराया और विषय की गूढ़ता पर भी प्रकाश डाला। संचालन बोल मिंज इंक के सीईओ मनु सेठ ने किया।

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