सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया:मनरेगा की साेशल ऑडिट फिर शुरू, प्रथम चरण में 500 पंचायतों की जांच

रांची4 महीने पहले
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मनरेगा के तहत काम करते मजदूर - Dainik Bhaskar
मनरेगा के तहत काम करते मजदूर
  • जहां सर्वाधिक मानव दिवस सृजित हुए, पहले उनका ऑडिट

सरकार के निर्देश पर राज्य में मनरेगा याेजनाओं की समवर्ती सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया शुक्रवार से फिर शुरू की गई है। ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में मनरेगा के अंतर्गत चालू योजनाओं का अंकेक्षण कराने का निर्देश दिया, जिसके तहत प्रथम चरण में कुल 500 पंचायतों का समवर्ती सामजिक अंकेक्षण शुरू किया गया है। इसके लिए प्रत्येक पंचायत में 4 लोगों की टीम भेजी गई है, जिसमें 2 सदस्य सोशल ऑडिट यूनिट के होंगे और 2 सदस्य संबंधित पंचायत के मनरेगा मजदूर मंच से संबधित मजदूर होंगे।

प्रत्येक पंचायत में समवर्ती सामाजिक अंकेक्षण के पूर्ण होने के पश्चात एक रिपोर्ट तैयार कर पंचायत को उसकी प्रति दी जाएगी। साथ ही रिपोर्ट के आधार पर अविलंब इसकी सूचना पंचायत, प्रखंड से प्राप्त कर जिला द्वारा सोशल ऑडिट यूनिट और मनरेगा प्रकोष्ठ को भेजा जाना अनिवार्य किया गया है।साेशल ऑडिट में प्रथम चरण में सर्वप्रथम उन पंचायतों को लिया गया है, जहां अधिकतम मानव दिवस सृजित हुए हैं। यह प्रक्रिया ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देश और मानदंडों के अनुरूप है। इससे आगे के सामाजिक अंकेक्षण की पूरी तैयारी हो पायेगी।

विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न डाकिया याेजना का भी होगा साेशल ऑडिट, 73 हजार परिवारों तक जाएगी टीम

खाद्य आपूर्ति विभाग ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न डाकिया योजना का सामाजिक अंकेक्षण कराने का निर्णय लिया है। 22 अक्टूबर से साेशल ऑडिट शुरू हा़े जाएगा। 20 नवंबर तक क्षेत्र स्तर पर सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, 22 दिसंबर तक सभी स्तर की सुनवाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद साेशल ऑडिट रिपोर्ट जारी हाेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई विभाग की ओर से की जाएगी।

शुक्रवार काे डॉ. रामेश्वर उरांव ने वर्चुअल बैठक में राज्य के सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारी और सोशल ऑडिट यूनिट के जिला अध्यक्षों के साथ डााकिया याेजना काे लेकर बात की। कहा कि महामारी के दौर में क्षेत्र भ्रमण के दौरान विशिष्ट जनजाति के लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाने में आ रही कठिनाइयों को देखा और समझा है। बताया कि साेशल ऑडिट के दाैरान लाेग 73000 विशिष्ट जनजाति परिवारों के आवास पर जाएंगे। उन्हें हर माह 35 किलाे अनाज मिल रहा है या नहीं, इसकी जांच करेंगे।

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