लॉकडाउन में कमजोर पड़े नक्सली / नक्सलियों के खिलाफ मानसून से पहले सबसे हाईटेक अभियान...ड्रोन और सैटेलाइट का होगा इस्तेमाल

Most high-tech operations against the Naxalites before monsoon ... drones and satellites will be used
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Most high-tech operations against the Naxalites before monsoon ... drones and satellites will be used

  • खाने के भी लाले पड़े; झारखंड समेत पांच राज्यों का ज्वाइंट सर्च ऑपरेशन शुरू
  • अभियान में भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी व एनटीआरओ करेंगे सहयोग, बन रही रणनीति

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:25 AM IST

रांची. लॉकडाउन के कारण आर्थिक रूप से कमजोर पड़े नक्सलियों के खिलाफ पुलिस मानसून से पहले बड़ा ऑपरेशन शुरू करने जा रही है। अभी झारखंड पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रहा है और उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से मंजूरी मिलने के बाद सुरक्षा बल नक्सलियों और उनके शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ पूरी आक्रामकता के साथ रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। घेराबंदी के लिए इस बार बड़े पैमाने पर ड्राेन का इस्तेमाल किया जाएगा। सैटेलाइट की भी मदद ली जाएगी।
इस लेकर भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो और केंद्र की खुफिया जानकारी जुटाने वाली एजेंसी नेशनल टेक्निकल रिसोर्स आर्गेनाइजेशन (एनटीआरओ) से पूरा ब्याेरा ले लिया गया है। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन और हर तरफ पुलिस की तैनाती के कारण नक्सलियों का मूवमेंट बंद हो गया है। लेवी वसूली समेत अन्य गतिविधियां ठप पड़ गई है। स्थिति यह है कि उनके समक्ष खाने के भी लाले पड़े हुए हैं। पुलिस की सक्रियता के कारण नक्सली दस्ते डरा-धमका कर ग्रामीणों से खाने के सामान भी नहीं ले पा रहे हैं। 
वर्कआउट प्लान के लिए अफसरों की होगी बड़ी बैठक
मानसून से पहले नक्सलियों पर करारा प्रहार के लिए ओडिशा, बंगाल और छत्तीसगढ़ के एडीजी स्तर के अधिकारियों के साथ झारखंड के वरिष्ठ अफसरों के साथ जल्द ही बैठक होगी। इसमें सीआरपीएफ के भी आईजी-डीआईजी समेत पांचों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में तैनात बटालियनों के कमांडेंट भी मौजूद रहेंगे। बैठक में सटीक जानकारी के आदान-प्रदान के बारे में इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी भी अपनी योजना रखेंगे। लॉकडाउन को देखते हुए अधिकारी वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिए भी अभियान पर विस्तार से विमर्श कर सकते हैं।
अभियान में इंटेलिजेंस ब्यूरो भी करेगा सहयोग
नक्सली सफाए के लिए सभी पड़ोसी राज्यों के सीआरपीएफ, इंटेलिजेंस ब्यूरो और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सहयोग लिया जाएगा। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की निरंतर दबिश, कार्रवाई और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर अब तक हुए ऑपरेशन ने माओवादियों की कमर तोड़ रखी है।
नक्सलियों के परिजनों से संपर्क में है पुलिस
नक्सलियों को मुख्यधारा से जाेड़ने के लिए पुलिस उनके परिजनों से संपर्क में है, ताकि सरेंडर के लिए दबाव बनाया जा सके। वैसे ऑपरेशन के शुरू होने से पहले कई नक्सली सरेंडर करने के लिए पुलिस से संपर्क स्थापित कर चुके हैं।

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