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महानगरों में बिकती रही झारखंड की बेटी:नौकरी का झांसा दे ममेरी बहन-जीजा ने 4 साल में 4 शहरों में बेचा, 5वीं बार भी बेची जाने वाली थी; उससे पहले रेस्क्यू

रांची21 दिन पहले
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मुक्त कराने के बाद पीड़िता संग रांची पहुंचे पूर्व विधायक - Dainik Bhaskar
मुक्त कराने के बाद पीड़िता संग रांची पहुंचे पूर्व विधायक
  • हर बार बहन-जीजा ने बेहतर भविष्य का झांसा दिया और नौकरानी का काम कराया
  • सिमडेगा के आरोपी दंपती पर केस की तैयारी

झारखंड की एक और बेटी मानव तस्करी की शिकार हुई है। लेकिन सुनहरे सपने दिखाकर उसके जीवन में अंधेरा फैलाने वाला इस बार कोई दलाल नहीं, बल्कि उसकी ममेरी बहन और जीजा ही हैं। चार साल नारकीय जीवन बिताने वाली सोनाहातू की यह 20 वर्षीय युवती पहले नोएडा, फिर गाजियाबाद, उसके बाद फरीदाबाद और बेंगलुरु में एक-एक साल के लिए बेची गई। हर बार बहन-जीजा ने बेहतर भविष्य का झांसा दिया और नौकरानी का काम कराया।

मंगलवार (6 जुलाई) को भी उसे बेचा जाने वाला था, लेकिन इसी बीच सूचना मिलने पर सिल्ली के पूर्व विधायक अमित महतो बेंगलुरु पहुंचे और पुलिस के सहयोग से उसे मुक्त कराकर बुधवार को हवाई जहाज से लेकर रांची पहुंचे, फिर सोनाहातू ले गए। इसके बाद उसके माता-पिता को सौंप दिया। दरअसल, पीड़िता की ममेरी बहन सिमडेगा निवासी रीना केरकेट्‌टा और उसके पति ने यह सब जाल रचा। इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।

पीड़िता की जुबानी- दीदी-जीजा ने पहले नाेएडा, फिर गाजियाबाद, फरीदाबाद और बेंगलुरु में बेचा, हमेशा कड़े पहरे में रखा जाता था

पीड़िता ने बताया कि उसकी ममेरी बहन-बहनाेई उसे 25 हजार रुपए की नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली ले गए। विश्वास में लेकर दोनों नोएडा के एक घर में ले गए। नौकरी पक्की होने की बात कह वहीं छोड़ दिया। बाद में घर मालिक ने बताया कि उसे एक साल के लिए बेचा गया है। अब नौकरानी का काम करना है। उसे विश्वास नहीं हुआ। एक साल बाद अचानक दोनों पहुंचे और अच्छी नौकरी की बात कह गाजियाबाद ले गए। वहां भी उससे घरेलू काम कराया गया। वहां एक साल बीतने पर फिर उसे हरियाणा के फरीदाबाद में ले जाकर बेच दिया गया। डेढ़ साल वह वहां रही, फिर बहन-बहनोई ने उसे बेंगलुरु ले जाकर बेच दिया। अभी वह छह माह से वहीं थी। इसी बीच पूर्व विधायक अमित महतो का फोन उसके पास आया। उसने पूरी दास्तां सुनाई तो अमित ने उन्हें जल्द मुक्त कराने का आश्वासन दिया। मंगलवार को जब उसने खुद के फिर बिकने की बात सुनी तो अमित काे यह जानकारी दी और मौका पाकर भाग निकली। फोन के जरिए अमित से संपर्क बनाए रखा। इसी बीच अमित बेंगलुरु पहुंचे और उसे रांची ले आए। उसे जहां-जहां बेचा गया, कड़े पहरे में रखा जाता था। फोन करने की मनाही थी। छिपकर बात करनी पड़ती थी।

पीड़िता की मां ने पूर्व विधायक से संपर्क कर मांगी थी मदद

पीड़िता की मां ने बताया कि फोन पर कभी-कभार होने वाली बातचीत में बेटी ने झांसा देकर नौकरानी बनाकर बेचने की बात बताई थी। छह माह से बेटी ने एक-दो बार ही बात की थी, जिससे मन आशंकाओं से घिरा था। परेशान होकर वह पूर्व विधायक अमित महतो से मिली और मदद मांगी। इसके बाद बेटी का फोन नंबर भी दिया। उसी फोन नंबर पर पीड़िता से बात होने के बाद अमित महतो उसे रेस्क्यू करने के लिए मंगलवार की सुबह अपने सहयोगी के साथ विमान से बेंगलुरु के लिए रवाना हुए।

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