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टीके की बर्बादी पर विवाद:केंद्र की सलाह- झारखंड में 37.3% टीके बर्बाद हो रहे, इसे कम कीजिए, हेमंत सरकार की सफाई- हम 4.65% ही बर्बाद कर रहे, अपडेशन में दिक्कत है

रांची2 महीने पहले
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केंद्र सरकार की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक टीका बर्बाद होने का राष्ट्रीय औसत 6%  है। झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़ में 30.02 6% टीके की बर्बादी हो रही है। तमिलनाडु में 15.5 6%, जम्मू कश्मीर में 10.76% और मध्य प्रदेश में 106%  टीके की बर्बादी हो रही है ।  (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
केंद्र सरकार की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक टीका बर्बाद होने का राष्ट्रीय औसत 6%  है। झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़ में 30.02 6% टीके की बर्बादी हो रही है। तमिलनाडु में 15.5 6%, जम्मू कश्मीर में 10.76% और मध्य प्रदेश में 106%  टीके की बर्बादी हो रही है ।  (फाइल फोटो)

झारखंड में टीके की बर्बादी पर विवाद शुरू हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि झारखंड में 37.3% टीके बर्बाद हो रहे हैं। इसे कम करें। केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि वैक्सीन बर्बादी को एक प्रतिशत से कम किया जाए।

इस पर अब राज्य सरकार की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि राज्य में टीके की उतनी बर्बादी नहीं हो रही है जितनी केंद्र सरकार की तरफ से बताया जा रहा है। राज्य सरकार के पास अब तक टीके की कुल खुराक की उपलब्धता के अनुसार, वैक्सीन का अपव्यय अनुपात केवल 4.65% है। तकनीकी कठिनाइयों के कारण टीकाकरण डेटा को केंद्रीय को-विन सर्वर पर पूरी तरह से अपडेट नहीं किया जा सका। इसका अपडेशन प्रक्रिया में है।

टीका बर्बाद होने का राष्ट्रीय औसत 6% है

केंद्र सरकार की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, टीका बर्बाद होने का राष्ट्रीय औसत 6% है। झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़ में 30.02 6% टीके की बर्बादी हो रही है। तमिलनाडु में 15.5 6%, जम्मू कश्मीर में 10.76% टीके की बर्बादी हो रही है ।

झारखंड में 42 लाख टीके का किया गया है उपयोग

झारखंड सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा जिलों को 48.63 लाख टीके की आपूर्ति की गई है। जिले द्वारा अब तक 42.07 लाख टीकों का उपयोग किया गया है। जिलों में कुल टीके की कवरेज को देखें तो वह 40.12 लाख है, जबकि अपव्यय का प्रतिशत 4.63 है।

सरकार टीका कम बर्बाद करने के लिए प्रयासरत

सरकार की तरफ से कहा गया है कि राज्य सरकार टीकों की कम से कम बर्बादी सुनिश्चित करने के लिए यथासंभव उपलब्ध वैक्सीन खुराक का अधिकतम उपयोग करने का प्रयास कर रही है। राज्य के सुदूरवर्ती और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण जागरुकता अभियान के साथ इसे और कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

हेल्थ मिनिस्टर ने कहा- झारखंड को बदनाम किया जा रहा है

झूठ फरेब और जुमलेबाजी के सहारे केन्द्र सरकार झारखंड को बदनाम कर रही हैं। आंकड़ों की बाजीगरी और फर्जी आंकड़े जारी करने का क्या मकसद हैं? क्या इसी तरह के फर्जी आंकड़ों के साथ पूरे देश को गुमराह किया जा रहा है?

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