जेपीएससी नियुक्ति रद्द मामला:अब अपील में जाने की तैयारी, हाईकाेर्ट ने नई मेधा सूची बनाने का दिया है आदेश

रांची4 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • कार्मिक सचिव ने कहा- झारखंड सरकार दाे दिन में ले लेगी फैसला

छठी जेपीएससी परीक्षा की मेधा सूची रद्द कर नई सूची बनाने के झारखंड हाईकाेर्ट के आदेश के बाद मंगलवार काे ऊहापाेह की स्थिति रही। जेपीएससी और राज्य सरकार के अधिकारी दिन भर मैराथन बैठक कर रास्ता तलाशने की काेशिश करते रहे। काेर्ट के फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच में एलपीए (अपील याचिका) दायर करने पर भी सलाह मशविरा हुआ।

ज्यादातर अधिकारियाें का मानना था कि सरकार की सहमति लेकर जेपीएससी काे अपील याचिका दायर करनी चाहिए। उधर, अपील याचिका दायर करने के लिए कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग मंगलवार को आवश्यक सामग्री जुटाने में व्यस्त रहा। विभाग की प्रधान सचिव वंदना डाडेल ने कहा कि एक-दाे दिन के भीतर फैसला ले लिया जाएगा। काेर्ट के फैसले पर आगे क्या करना है, राज्य सरकार निश्चित रूप से निर्णय लेगी।

ज्ञानेंद्र बाेले- क्वालिफाइंग पेपर जाेड़ 1050 नंबर की ली परीक्षा, इसलिए मेधा सूची में जाेड़ा

हाईकाेर्ट का फैसला आने के बाद भी जेपीएससी सचिव ज्ञानेंद्र कुमार अपने स्टैंड पर कायम हैं। मेधा सूची में क्वालिफाइंग पेपर हिंदी-अंग्रेजी के अंक जाेड़ने पर कहा-परीक्षा के विज्ञापन में मुख्य परीक्षा का पूर्णांक 1050 है। क्वालिफाइंग पेपर का अंक नहीं जुड़ता ताे पूर्णांक 950 हाेता। सब कुछ परीक्षा से पहले जारी विज्ञापन के मुताबिक हुआ है। आगे की रणनीति पर कहा कि आयाेग विचार कर रहा है। वैसे रिजल्ट में काेई त्रुटि न रह जाए, इसलिए दाे सदस्य तैयार रिजल्ट की जांच करते हैं।

काेर्ट के फैसले का पालन हुआ ताे 50 की जा सकती है नाैकरी, 100 की बदल सकती है सेवा

हाईकाेर्ट के फैसले के बाद चार विकल्प हैं। जेपीएससी अपील याचिका दायर करे। जेपीएससी व राज्य सरकार दाेनाें अपील करे। सफल अभ्यर्थियाें का एक तबका फैसले काे चुनाैती दे। या फिर जेपीएससी और सरकार काेर्ट के फैसले का पालन करे। सूत्राें का कहना है कि अगर काेर्ट के फैसले के अनुरूप नई मेधा सूची बनती है ताे 326 सफल अभ्यर्थियाें में से 40-50 लाेगाें की नाैकरी जा सकती है। साथ ही करीब 100 अफसराें के विभाग और सेवा में बदलाव हाे सकते हैं।

अध्यक्ष ने जवाब ही नहीं दिया, पूर्व अध्यक्ष बाेले- सचिव से बात करें

इस संबंध में बात करने के लिए न ताे जेपीएससी अध्यक्ष अमिताभ चाैधरी ने फाेन उठाया और न ही पूर्व अध्यक्ष सुधीर त्रिपाठी ने। दाेनाें काे साेशल मीडिया पर सवाल भेजे गए कि अगला कदम क्या हाेगा। सुधीर त्रिपाठी ने बस इतना ही जवाब दिया कि उस समय ज्ञानेंद्र कुमार परीक्षा नियंत्रक थे, उनसे बात करेंं। अमिताभ चाैधरी ने काेई जवाब नहीं दिया।

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