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  • On December 24, 2020, The Hemant Soren Government Had Imposed A Rake, The High Court Said Promote The Officers In Four Weeks

प्राेन्नति पर राेक रद्द:24 दिसंबर 2020 को हेमंत साेरेन सरकार ने लगाई थी राेक, हाईकाेर्ट बोला- अफसरों काे चार हफ्ते में करें प्रमाेट

रांची7 दिन पहले
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  • फैसले से 100 से अधिक अफसराें व कर्मियों काे तत्काल लाभ

हाईकाेर्ट ने प्रमाेशन पर राेक के झारखंड सरकार के आदेश काे रद्द कर दिया है। काेर्ट ने कहा कि विभागीय प्राेन्नति समिति (डीपीसी) के जरिए जिन अफसराें काे प्रमाेशन के याेग्य पाया गया है, सरकार उन्हें 4 सप्ताह में प्राेन्नति दें। जस्टिस डाॅ. एसएन पाठक की काेर्ट ने गुरुवार काे यह फैसला सुनाया। इस फैसले से 100 से अधिक अफसराें और कर्मचारियाें काे इसका तत्काल लाभ मिलेगा।

डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ पद पर प्राेन्नति की अनुशंसा के बाद अधिसूचना जारी न हाेने पर राजकिशाेर प्रसाद व अन्य ने हाईकाेर्ट में याचिका दाखिल की थी। पिछली सुनवाई के दाैरान याचिकाकर्ता के वकील अजीत कुमार व चंचल जैन ने काेर्ट को बताया था कि 24 दिसंबर 2020 काे सभी पदाें पर प्राेन्नति पर राेक लगा दी गई थी। फिर भी कुछ विभागाें में प्राेन्नति की अधिसूचना जारी की गई। लेकिन इस मामले में सरकार भेदभाव कर रही है।

प्राेन्नति से राेक हटाने के लिए राज्य सरकार में भी बन गई थी सहमति
काेर्ट के फैसले से पहले ही सरकार के शीर्ष स्तर पर प्राेन्नति से राेक हटाने पर सहमति बन गई थी। सरकार राेक हटाने से पहले इससे संबंधित प्रस्ताव पर कैबिनेट की भी सहमति लेना चाहती थी, ताकि भविष्य में काेई विवाद न हाे। तय हुआ था कि प्रमाेशन में वरीयता की जगह राेस्टर फाॅर्मूला लागू किया जाए। यानी रिजर्व और सामान्य वर्ग के अधिकारी-कर्मचारी उसी कैटेगरी में खाली हाेने वाले पदाें पर प्रमाेट हाें। इधर, कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव वंदना डाडेल ने कहा कि फैसले की काॅपी मिलने के बाद सरकार उचित कार्रवाई करेगी।

एसटी-एससी प्रमाेशन में गड़बड़ी की शिकायत पर लगाई थी राेक
मांडर के विधायक बंधु तिर्की ने वर्ष 2020 के बजट सत्र में श्रम विभाग में एसटी-एसटी की प्राेन्नति में गड़बड़ी का मामला उठाया था, जिस पर स्पीकर ने विधानसभा की विशेष समिति गठित की थी। कमेटी ने एसटी-एससी विधायकाें और मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव समेत अन्य विभागाें से भी राय-मशविरा किया। फिर मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जब तक उनकी अनुशंसा न आ जाए, तब तक प्राेन्नति पर राेक लगा दी जाए। इस पर राज्य सरकार ने 24 दिसंबर 2020 काे प्राेन्नति पर राेक लगा दी थी, जाे अब तक जारी है।

रोक से 50 हजार से ज्यादा कर्मी प्रभावित
प्रोन्नति पर लगी रोक के कारण एक साल से 50 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारी और अधिकारी प्रोन्नति से वंचित हैं। साथ ही 100 से अधिक कर्मी व अधिकारी प्रोन्नति पाए बगैर ही रिटायर भी हो चुके हैं। पारा शिक्षकों और संविदा पर आधारित कर्मियों को छोड़ लगभग 2.95 हजार नियमित कर्मी-अधिकारी हैं।​​​​​​​

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