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मास्क, डिस्टेंसिंग व वैक्सिनेशन जरूरी:15 जून को सबसे कम 9 मरीज मिले 3 दिनों से लगातार बढ़ रहे संक्रमित

रांची2 महीने पहलेलेखक: सरफराज कुरैशी
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संक्रमिताें की संख्या तेजी से कम, पहली लहर की तुलना में मौत अभी भी 1.14% ज्यादा। - Dainik Bhaskar
संक्रमिताें की संख्या तेजी से कम, पहली लहर की तुलना में मौत अभी भी 1.14% ज्यादा।
  • पिछली बार इसी तरह बढ़े थे केस, इसलिए सावधानी जरूरी

राजधानी में इन दिनों मरीजों की संख्या तेजी से कम हुई। 15 जून को सबसे कम 9 संक्रमित मिले। इसके बाद लगातार तीन दिनों से मरीज बढ़े हैं। 16 जून को 20, 17 को 11 और 18 को 19 मरीज मिले। जून में जनवरी-फरवरी की तर्ज पर रांची में पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। मतलब कोरोना की पहली लहर कमजोर पड़ने के बाद 22 जनवरी से 5 फरवरी कुल 533 मरीज मिले थे। औसतन हर दिन 35 नए मरीज मिले। तब एक्टिव केस की संख्या 175 रह गई थी। वहीं, कोरोना की दूसरी लहर मई के अंत में कमजोर हुई।

एक से 15 जून तक 472 नए मरीज मिले। मतलब औसतन 31 मरीज रोजाना मिले। पांच फरवरी को कोरोना मरीज के कम होने के बाद करीब डेढ़ महीने तक राहत थी। फिर 24 मार्च से कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। दूसरी लहर ने जमकर कहर बरपाया। अब अनलॉक की प्रक्रिया जारी है। इसमें मिली छूट में अगर हमने फिर लापरवाही बरती तो फिर पुराना ट्रेंड न लौट आए। ऐसा हुआ तो अगस्त से संक्रमण की रफ्तार फिर से बढ़ सकती है और तीसरी लहर की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

राज्य में कुल 141 नए मरीज मिले

राज्य कोरोना की दूसरी लहर अब थमने लगी है। शुक्रवार को बीते 24 घंटे में 141 नए मरीज मिले हैं। जबकि, ठीक होने वालों की संख्या 274 रही। सबसे अधिक 19 मरीज रांची में मिले हैं। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम व गुमला में 18-18 और हजारीबाग में 14 मरीन मिले हैं। इसके अलावा सभी जिले में मरीजों की संख्या 10 से कम रही। देवघर और दुमका में मरीजों की संख्या शून्य रही।

मई में 19853 थे एक्टिव मरीज
24 मार्च से नए मरीज काफी संख्या में मिलने लगे थे। इस दिन 93 नए मरीज एक दिन में मिले थे। तब 74 दिनों के बाद इतनी संख्या में एक दिन में मरीज मिले थे। इसके बाद चार मई को रांची में एक्टिव मरीजों की संख्या 19853 हो गई थी। अब हालात फिर से काबू में आ रहे हैं। नए मरीजों की संख्या फिर से घट रही है। इसलिए, सावधानी बरतना जारी रखना होगा।
एक्सपर्ट व्यू...

  • कोरोना के संबंध में भविष्यवाणी करना फिलहाल सही नहीं है। लेकिन, पहले जो हुआ है, उससे सबक लेना जरूरी है। इसलिए एसएमएस (सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, सैनिटाइजर) का पालन किसी भी हाल में न छोड़ें। इसके साथ तीसरी लहर के खतरे से बचने के लिए जरूरी है कि सभी लोग वैक्सीन जरूर लगाएं। - डॉ. प्रदीप भट्‌टाचार्य, एचओडी, क्रिटिकल केयर, रिम्स
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