कोरोना का कहर / 1 मई को पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन आई थी, तब से अब तक 197 नए मरीज मिले...उसमें 156 दूसरे राज्यों से लौटे लोग

On May 1, the first labor special train came, since then, 197 new patients have been found ... 156 people returned from other states.
X
On May 1, the first labor special train came, since then, 197 new patients have been found ... 156 people returned from other states.

  • गुरुवार को कोरोना संक्रमण के 18 नए केस मिले, राज्य में अब कुल 309...इसमें 80% बाहर से लौटे

दैनिक भास्कर

May 22, 2020, 06:40 AM IST

रांची. राज्य में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है...और यह तेज बदलाव मई माह में आया है। मई के तीन हफ्तों में राज्य में कोरोना संक्रमण 171% से ज्यादा बढ़ा है। इसका सबसे बड़ा कारण दूसरे राज्यों से झारखंड लौट रहे लोग हैं। 30 अप्रैल को राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या 112 थी। 1 मई को राज्य में तेलंगाना से पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन आई और इसके साथ ही दूसरे राज्यों से लोगों के लौटने का सिलसिला शुरू हो गया। 1 मई से 21 मई तक राज्य में 197 नए केस मिले और कुल संक्रमितों की संख्या 304 तक पहुंच गई। खास बात ये है कि 197 नए केसों में 156 दूसरे राज्यों से लौटे लोग हैं।
हमारी चिंता...झारखंड लौटने वालों में ज्यादातर उन सात राज्यों से आए, जहां देश के 50% कोरोना संक्रमण केस
झारखंड में अब तक ट्रेन व अन्य माध्यमों से करीब सवा लाख लोग लौटे हैं। इनमें से ज्यादातर लोग 7 राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र, तेलंगाना, प. बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु से लौटे हैं। इन राज्यों के सम्मिलित केस 60 हजार से ज्यादा हैं। यानी देश के कुल कोरोना केसों के 50% इन्हीं राज्यों से हैं। अभी झारखंड के 90 हजार लोगों ने महाराष्ट्र और दिल्ली में राज्य वापसी के लिए आवेदन दिया है। यह दोनों राज्य कोरोना संक्रमण के हॉट स्पॉट हैं।
कहीं ऐसा न हो...यूपी में अब तक 20 लाख प्रवासी लौटे, इनमें 1230 प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं
उत्तर प्रदेश में अब तक 20 लाख प्रवासी लौटे हैं और 21 मई तक इनमें से 1230 प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमित मिले। झारखंड में 5.50 लाख लोगों के दूसरे राज्यों से लौटने की बात कही जा रही है। यह सभी लौटे तो यहां कोरोना संक्रमण की रफ्तार और तेज हो सकती है। विस्तृत पेज 09 पर
राज्य में 5000 से ज्यादा कोरोना सैंपल का टेस्ट पेंडिंग
राज्य में अभी चार सरकारी लैब को मिलाकर रोज 1500 से 2000 के बीच सैंपलों की जांच हो रही है। इसके बावजूद 5000 से ज्यादा सैंपल का टेस्ट पेंडिंग रह जा रहा है। गुरुवार तक राज्य में 47592 सैंपल कलेक्ट किए गए थे, जिसमें से 41936 सैंपल की जांच हो पाई थी। 5,656 सैंपल वेटिंग में हैं। कई मरीजों के सैंपल लिए जाने के बाद उसकी रिपोर्ट 48 से 72 घंटों में आ रही है। सिर्फ रिम्स में ही एक हजार से ज्यादा सैंपल की जांच पेंडिंग है। इसी बीच में हजारीबाग में सिविल सर्जन व मेडिकल कॉलेज अधीक्षक के विवाद के चलते बुधवार को रिम्स भेजे गए 300 सैंपल लौटा दिए गए। स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि इन सैंपलों की एंट्री किए बगैर ही जांच के लिए भेज दिया गया था, अत: लौटा दिया गया। हालांकि नव पदस्थापित सिविल सर्जन ने इसकी जानकारी से इनकार किया है।
गुरुवार को मिले नए मरीजों में भी 80% प्रवासी मजदूर
झारखंड में गुरुवार को 18 नए पॉजिटिव मरीज मिले। इसमें भी 80% प्रवासी मजदूर हैं। इनमें रांची के 8, बोकारो के 5, कोडरमा के 2, सरायकेला के 2 व जमशेदपुर का 1 मरीज शामिल हैं। रांची के मरीजों में एक ओरमांझी का 22 वर्षीय युवक है जो 17 मई को मेदांता अस्पताल के ओपीडी में इलाज के लिए आया था। इलाज से पहले उसका कोरोना सैंपल लिया गया जो गुरुवार को पॉजिटिव आया। युवक मूलत: गिरिडीह का रहने वाला है। इसके अलावा रांची में 3 मरीज मांडर और 4 चान्हो से मिले हैं। ये सातों संक्रमित मुंबई से लौटे हैं। बोकारो में मिले 5 मरीज भी दूसरे राज्यों से ही लौटे हैं। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में 1 और सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में 2 मरीज मिले। डुमरिया का मरीज चेन्नई से लौटा मजदूर है। वहीं चांडिल में मिले पाॅजिटिव केस में एक पंजाब से लौटा छात्र तो दूसरा प. बंगाल से लौटा मजदूर है।
30 अप्रैल को 11 जिलों तक था संक्रमण, अब 21 जिलों तक पहुंचा...कोडरमा और जमशेदपुर ग्रीन तो, हजारीबाग, गढ़वा, पलामू और गिरिडीह ऑरेंज से रेड जोन में पहुंचे...प्रवासियों की वजह से गढ़वा में सबसे तेजी से बढ़े केस
30 अप्रैल को कोरोना संक्रमण राज्य के 11 जिलों तक सीमित था। मई में 10 नए जिले संक्रमित हुए। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य के 6 जिले पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, पलामू, हजारीबाग, गिरिडीह और कोडरमा हुए हैं।

सबका टेस्ट संभव नहीं...
प्रवासियों की टेस्टिंग पर सवाल के जवाब में स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा, स्वाभाविक है कि सारे लोगों का टेस्ट करना संभव नहीं है। फिर भी हम कोशिश कर रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा टेस्ट हों।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना